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नफरत के बाजार में राहुल की मोहब्बत की दुकान चल पड़ी षड्यंत्रकारियों का हुआ पर्दाफाश, सत्य की हुई जीत- गिरधारी यादव

जांजगीर चांपा। कांग्रेस नेता वायनाड के सांसद राहुल गांधी के जाति सूचक मामले में गुजरात के निचली व उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए 2 वर्ष की सजा एवं सांसद पद से बर्खास्तगी जैसे फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज करते हुए राहुल गांधी की टिप्पणी को किसी जाति विशेष पर आक्षेप नहीं माना है।

इस संबंध में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग महासचिव कांग्रेस नेता गिरधारी यादव ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे न्याय की जीत बताया। श्री यादव ने कहा है कि इससे यह स्पष्ट है कि पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर भारतीय जनता पार्टी के नुमाइंदों ने जानबूझकर राहुल गांधी को परेशान करने एवं उनकी बढ़ती हुई लोकप्रियता पर बाधा डालने की दृष्टि से उन पर जातिसूचक मानहानि का मुकदमा दायर किया और आनन-फानन में लोकसभा अध्यक्ष द्वारा भी उनकी सांसद सदस्यता समाप्त कर दी गई किंतु सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने यह सिद्ध कर दिया कि भारतीय लोकतंत्र में मौलिक अधिकार का हनन नहीं किया जा सकता जिस विषय को लेकर जातिसूचक मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया वह किसी जाति विशेष को अपमानित करने वाला नहीं माना जा सकता अपितु एक ऐसा प्रश्न माना जा सकता है जिसमें यह पूछा गया कि देश का पैसा लेकर भागने वाले यह सभी एक ही जाति के क्यों हैं ऐसा पूछा जाना कोई गुनाह नहीं। कांग्रेस नेता गिरधारी यादव ने कहा कि आज भारत देश में लोकतंत्र की जीत हुई है बोलने के अधिकार की जीत हुई है सत्य की जीत हुई है देश के हर एक नागरिक की जीत हुई है जो अन्याय के खिलाफ राहुल गांधी के साथ मिलकर अपनी आवाज बुलंद करना चाहता है।