खरसियाछत्तीसगढ़

खरसिया में खुलेआम चल रहा सट्टा का कारोबार, स्मार्टफोन के माध्यम से चल रहा है सट्टा-पट्टी का खेल

खरसिया के पुरानी बस्ती, पोस्ट आफिस रोड, मौहापाली रोड, छपरी गंज, आईटीआई कालोनी, ग्राम महका, ग्राम तेलीकोट, ग्राम घघरा, तलावपार में सट्टा धड़ल्ले से फल फूल रहा है।

खरसिया में इन दिनों सट्टा का कारोबार जोरों से फल-फूल रहा है. एक का नब्बे बनाने के चक्कर में लोग सटोरियों के चंगुल में फंस रहे हैं और अपना भविष्य अंधकारमय बना रहे हैं. खरसिया के आसपास गांव के लोग पैसों के लालच में आकर अधिक मुनाफे के चक्कर में इन सटोरियों के चंगुल में फंस रहे हैं. सटोरिया अलग-अलग टुकडिय़ों में बंटकर सट्टा लिखने का काम कर रहे है. सट्टा लिखने वाले सटोरिये सफाई से काम को अंजाम दे रहे हैं जिसके चलते उन पर कोई कार्यवाही भी नहीं हो रही है. खरसीया में रोजाना लाखों रूपये का सट्टा पट्टी लिखा जाता है. इन खाईवालों को विभागीय कार्यवाही का थोड़ा भी डर नहीं है। क्षेत्र के गरीब तबके के लोग सट्टा के चक्कर में बर्बाद होते नजर आ रहे हैं। वहीं अपने परिवार को गर्त में भी ढकेल रहे हैं. इस सट्टा-पट्टी के चक्कर कई परिवार बिखर चुका है और कई लोगों का भविष्य अंधकारमय हो चुका है.

मोबाइल से चल रहा है सट्टा का खेल

पहले कागज-कलम के माध्यम से सट्टा-पट्टी लिखने का काम खाईवालों द्वारा किया जाता था लेकिन अब बदलते आधुनिक परिवेश में अब खाईवाल भी अपना तरीका बदल दिये हैं। खाईवाल अब एंड्रॉयड फोन के माध्यम से सोशल मीडिया, व्हाट्सएप मैसेज व टेक्स्ट मैसेज के जरिये सट्टा-पट्टी का गोरख धंधा चला रहे हैं।

कम उम्र के बच्चे एवं स्कूली छात्र हो रहे शिकार

एक का 90 बनाने एवं कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में अब कम उम्र के बच्चों सहित स्कूल छात्र भी इसकी चपेट में आ रहे हैं. बिना खाईवाल के पास गये केवल मोबाईल के माध्यम से सट्टा-पट्टी लिखने की सुविधा ने अब लोगों का काम आसान कर दिया है, घर बैठे फोन के माध्यम से अंकों का दांव खेल रहे हैं यही कारण है कि इस खेल में बच्चें भी शामिल हो रहे हैं जो उनके भविष्य के लिये खतरनाक साबित हो रहा है. बच्चें सट्टा के चक्कर में कर्ज के बोझ तले भी डूब रहे है कई जगह उधारी कर सट्टा खेल रहे हैं और हार के बाद कर्ज में डूबकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं.

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