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दुष्यंत कुमार चतुर्वेदी ने दर्शन शास्त्र में प्राप्त की डॉक्टरेट की उपाधि, डॉ. सीवी रमन विवि से किया शोध


सुरेश कुमार यादव@कोसमंदा। शिक्षक दुष्यंत कुमार चतुर्वेदी बिलासपुर छत्तीसगढ़ को बिलासपुर के करगी रोड कोटा में स्थित डॉ सी वी रमन विश्वविद्यालय से शिक्षाशास्त्र में डॉ ऑफ फिलासफी की प्रतिष्ठित डिग्री से सम्मानित किया है।

डॉ सी वी रमन विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ स्मृति किरण सैमन्स की देखरेख उनके डायरेक्ट शोध में-“उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों के कैरियर निर्माण लेने और आत्म प्रभावकारिता पर माता पिता के दबाव का प्रभाव” विषय पर गहन चर्चा की।चतुर्वेदी जी का शोध छात्रों के कैरियर विकल्पों और आत्म सम्मान पर माता पिता के दबाव के महवपूर्ण प्रभाव पर प्रकाश डालता है जो आज के प्रतिस्पर्धी शैक्षिक परिदृश्य में इनके निहितार्थो को उजागार करता है।अध्धयन में छात्रों को अपने आत्मविश्वास और आकांक्षाओं के आधार पर कैरियर सम्बन्धी निर्णय लेने के लिये शास्क्त बनाने के महत्व पर जोर दिया गया है।जिसका उद्देश माता पिता के दबाव के प्रतिकूल दबाव को कम करना है।जो या तो सराहनीय उपलब्धियो पर या अवसाद जैसी सम्भावित मानसिक स्वास्थ्य चुनोतियो का कारण बन सकता है। चतुर्वेदी जी के निष्कर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है।जो कैरियर मार्गदर्शन के लिये अधिक सहायक और छात्र केंद्रित दृष्टिकोण बको बढ़ावा देगा। जिससे अंततः युवा शिक्षार्थियों के लिए उज्ज्वल भविष्य की सुविधा होगी। चतुर्वेदी जी का शिक्षक के रूप में प्रारंभिक सेवा कोसमन्दा के हाई स्कूल में हुई। 10 वर्षो तक सेवा पश्चात इनका स्थानातंरण अन्य जगह हुआ।चतुर्वेदी जी का गांव से व बच्चों से काफी गहरा लगाव रहा है। उनकी इस उपलब्धि पर ग्रामीणों ने शुभकामनाएं दी है।

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