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न्यूज वेबसाइट सुहाना न्यूज के संचालक पर चाकू मारकर किया जानलेवा हमला, साजिश के तहत दिया गया वारदात अंजाम, आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर

जांजगीर चांपा। चांपा शहर से लगे ग्राम पंचायत कुरदा के पत्रकार सुखसागर माथुर पर एक युवक ने हत्या की नीयत से चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। माथुर कुछ समझ पाता इससे पहले आरोपी ने उस पर कई वार कर चुका था। चाकू के हमले से घायल माथुर को इलाज के लिए बीडीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया है।

घायल सुखासागर माथुर के मुताबिक, चांपा क्षेत्र के कोरबा रोड में संचालित देशी ढाबा में बीती रात करीब 11 बजे न्यूज वेबसाइट सुहाना लाइव न्यूज के ऑनर सुखसागर माथुर साथी कीर्तन पटेल, मनोज बरेठ और योगेश प्रताप सिंह के साथ खाना खाने गया था। मनोज बरेठ का लकड़ी का कारोबार है। इससे पहले मनोज की लकड़ी को पकड़कर कार्रवाई की गई थी। सूखसागर माथुर को लकड़ी पकड़वाने की शंका में खाना खाने के दौरान मनोज बरेठ ने बिना कुछ बोले आचनक चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। अचानक हुए सुखसागर पर चाक़ू से हमला को वह कुछ समझ पाता, इससे पहले उस पर कई वार हो चुका था। इस सनसनीखेज घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से भाग निकला। इधर चाकू के ताबड़तोड़ हमले से लहूलुहान सुखसागर माथुर को कीर्तन पटेल व योगेश प्रताप सिंह ने बीडीएम अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया। इस पूरे मामले की रिपोर्ट चांपा थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस अपराध दर्ज कर इस मामले में छानबीन कर रही है। फिलहाल आरोपी पुलिस पकड़ से दूर है।

रात में कोरबा रोड पर चलना नहीं खतरे से खाली

बताया जाता है, कोरबा रोड सिवनी से उच्चभिट्ठी के बीच कई ढाबा संचालित है। इनमें से कुछ ढाबों में शराब भी मुहैया होने की खबर है। बताया जाता है रात के समय यह क्षेत्र असामाजिक तत्वों के कंट्रोल में रहता है। रात के समय रोड में चलने वालों के साथ मारपीट और लूट की वारदात को अंजाम देने से गुरेज नहीं करते। कई घटनाएं हो चुकी है। इन क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग की लगातार जरूरत महसूस की जा रही है।

भाजपा के दौर में पत्रकार सुरक्षा कानून पर कोई चर्चा नहीं

छत्तीसगढ़ राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की दिशा पर प्रक्रिया शुरू हो गई थी। हालांकि धरातल पर इस कानून का क्रियान्वयन नहीं हो सका। राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद पत्रकार सुरक्षा कानून को लागू करना तो दूर इस विषय पर कोई चर्चा तक नहीं हो रही है इसके चलते पत्रकार असुरक्षित है और आए दिन इस तरह अप्रिय घटना का शिकार हो रहे हैं।