सिवनी सुखरीकला सड़क मार्ग मौत का सड़क या फिर मौत कुआँ

0 चक्काजाम की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने दी लोगों को समझाइश
जांजगीर चांपा। सिवनी सुखरीकला सड़क मार्ग पर इस समय पैदल चलना भी दूभर हो गईं है। यह मार्ग अपनी बदहाली पर आँसू बहा रहीं है। भारी वाहनों के नियम विरुद्ध परिचालन से सड़क पूरी तरह से सत्यानाश हो गया है। क्षेत्र के परेशान आक्रोषित ग्रामीणों ने एकाएक सड़क पर चक्काजाम करने लगे। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और लोगों को समझाईश देकर मामला शांत कराया और बदहाल सड़क के कुछ गड्ढों पर स्लेग चूड़ी डालना शुरू किया गया।
यह सड़क मौत का सड़क है या फिर मौत कुआँ। यह बात लोगों को समझ में नहीं आ रहा है। जबकि क्षेत्र के ग्रामीणों ने कलेक्टर और मुख्यमंत्री के जनदर्शन में पिछले 50 साल में 50 बार इस मार्ग का चौड़ीकरण, जमड़ी नाला सड़क पुल को ऊपर उठाने तथा फैक्ट्री का वाहनों पर प्रतिबन्ध लगाने की मांग को लेकर ज्ञापन दे चुके हैं। यहाँ तक की शासन प्रशासन को नींद से जगाने 30 गाँवों के लोगों ने इस मार्ग पर ढोल नगाड़ा बजाकर विरोध प्रकट किया था। तब कहीं बदहाल सड़क की मालहम पट्टी किया गया था। उल्लेखनीय है कि इस मार्ग पर सिवनी समेत बहेराडीह, बालपुर, सुखरीकला, सुखरी खुर्द, अमरुआ, देवरी, बघोदा, उच्चभिट्ठी और तीन जिले के लोगों का आवागमन प्रतिदिन होता है। बहेराडीह में स्थित फैक्ट्री की भारी वाहन नियम विरुद्ध दिन रात चल रहीं है। जिससे सड़क पूरी तरह बर्बाद हो गईं और सिवनी सुखरी कला सड़क मार्ग के मध्य स्थित जमड़ी नाला सड़क पुल सड़क मार्ग से काफ़ी नीचे दब गईं। जर्जर सड़क पुल कभी भी टूट सकती है।

बरसात के समय यह पुल पानी में डूब जाती है। जिससे लोगों का आवागमन बंद हो जाती है। स्कूली बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है। लेकिन फैक्ट्री का भारी वाहन को धड़ल्ले से पार किया जाता है। जिससे सड़क पुल पूरी तरह से जर्जर हो गईं। डेढ़ माह पहले सड़क पुल से करीब 4 फीट पानी ऊपर बह रहीं थीं। लोगों का अवागमन दो दिन से बंद रहा। इस बीच फैक्ट्री का भारी वाहन धड़ल्ले से पार किया जा रहा था। तभी भारी वाहन फंस गईं और जिसे करीब 15 घंटे बाद निकाला गया था। फैक्ट्री मालिक के इस हरकत से क्षेत्र में आक्रोश भड़क गया। जबकि पुलिस विभाग ने बाढ़ में करीब 4 फीट डूबे सड़क पुल के दोनों तरफ लाल झंडा लगाई गईं थीं। फिर भी क़ानून का उलंघन करते हुए ड्राइवर ने अपने जान को जोखिम में डालकर धड़ल्ले से पार किया जा रहा था।

सड़क बना तालाब में बर्तन और गाड़ी धो रहे ग्रामीण
सिवनी सुखरीकला मार्ग इस समय तालाब में डूब गईं है। एक ग्रामीण आज इस तालाब में बर्तन धो रहे थे तो कई लोग यहाँ पर गाड़ी धो रहे हैं। लोगों का कहना है कि सप्ताहभर के भीतर यदि बदहाल सड़क की मरम्मत नहीं किया जाता है। तो सिवनी सुखरी कला सड़क मार्ग के मध्य बने तालाब में मछली का जाल फैला कर, भैस को नहलाकर और नाव चलाकर विरोध जताने का निर्णय लिया है। इस मार्ग पर एक ओर जहाँ फैक्ट्री का भारी वाहन जगह जगह फंस रहीं है। वहीं दूसरी तरह इस मार्ग पर फिसल कर कई लोगों को हाथ पैर टूट रहीं है। शासन प्रशासन को वैसे बड़ी घटना का इंतजार है।