पत्रकारों के लिए नया फरमान: अब सहायक आयुक्त आबकारी से मुलाकात केवल शाम 5 बजे के बाद ही

जांजगीर-चांपा। जिले के सहायक आयुक्त आबकारी विभाग द्वारा जारी एक अनोखे फरमान की इन दिनों खूब चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि सहायक आयुक्त ने पत्रकारों से मिलने के लिए नया नियम बना दिया है — जिसके तहत अब कोई भी पत्रकार उनसे शाम 5 बजे के बाद ही मुलाकात कर सकेगा। इस मौखिक आदेश के लागू होने से पत्रकारों के नियमित कार्यों पर प्रभाव पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह फरमान सहायक आयुक्त आबकारी कार्यालय के बाहर बैठे प्यून के माध्यम से लागू किया जा रहा है। प्यून ने बताया कि अधिकारी के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी पत्रकार दोपहर के समय या कार्यावधि में उनसे मिलने न आए। यदि किसी को बात करनी है या साक्षात्कार के लिए मिलना है, तो वह केवल शाम 5 बजे के बाद ही उपस्थित हो सकता है।
हालांकि यह आदेश किसी लिखित बोर्ड या नोटिस के रूप में कार्यालय में प्रदर्शित नहीं किया गया है, लेकिन मौखिक निर्देशों का पालन सख्ती से किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कई पत्रकार जब अपने रिपोर्टिंग कार्य से संबंधित जानकारी लेने या स्पष्टीकरण प्राप्त करने के लिए कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें ‘शाम 5 बजे बाद आने’ का संदेश देकर लौटा दिया गया।
पत्रकारों का कहना है कि यह फरमान न केवल अनुचित है, बल्कि पारदर्शिता और संवाद के सिद्धांतों के भी विपरीत है। पत्रकारों को कई बार तत्काल प्रतिक्रिया या सरकारी पक्ष की जानकारी की आवश्यकता होती है, ताकि खबर का संतुलन बना रहे। ऐसे में यदि उन्हें केवल 5 बजे के बाद मिलने की अनुमति दी जाती है, तो यह मीडिया की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है।
दूसरी ओर, विभाग के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि अधिकारी ने यह निर्णय कार्य की अधिकता और दिनभर की सरकारी बैठकों के कारण लिया है। उनका मानना है कि शाम के समय वे अधिक सहजता से मीडिया से संवाद कर पाएंगे।
फिलहाल इस फरमान को लेकर पत्रकारों और अधिकारियों के बीच खींचतान बनी हुई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सहायक आयुक्त आबकारी इस निर्णय को औपचारिक रूप से वापस लेते हैं या पत्रकारों को आगे भी ‘5 बजे के बाद’ ही प्रवेश मिलेगा।