प्रतिबंध के बावजूद चैन माउंटेन मशीन से रेत की अवैध खुदाई, रेत के काले कारोबारियों को प्रशासन का संरक्षण

महासमुंद। जिला कांग्रेस के संयुक्त महामंत्री व वर्तमान पार्षद विजय साव ने कहा कि जिले में प्रतिबंध के बाद भी चैन माउंटेन मशीन व जेसीबी के माध्यम से रेत का अवैध उत्खनन जारी है। महानदी का सीना छलनी कर माफियाओं द्वारा बेखौफ होकर दिनदहाड़े रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। माफियाओं के इस कृत्य पर कोई कार्रवाई नहीं होना विभागीय संरक्षण की ओर इशारा कर रहा है।
श्री साव ने कहा कि जिला मुख्यालय के करीब ग्राम बडगांव बरबसपुर, चिंगरौद, बोरीद सहित सूखा नदी से माफियाओं द्वारा दिनदहाड़े रेत का अवैध परिवहन बड़े बड़े हाइवा वाहनों के माध्यम से किया जा रहा है। इन पर कार्रवाई नहीं होने से प्रशासनिक संरक्षण को बल मिल रहा है। दिनदहाड़े धड़धड़ाते हुए रेत से भरी हाइवा वाहन गांवों से गुजरती है। जिससे स्कूली बच्चे, आम राहगीर भयभीत होकर आवागमन करने को विवश हैं।
महानदी से दिन व रात के अंधेरे में चैन माउंटेन से रेत की अवैध खुदाई कर सैक़ड़ों ट्रिप रेत का परिवहन हो रहा है। वहीं, अनेक गांवों में रेत डंप का परमिशन लेकर नदी से रेत चोरी का धंधा चल रहा है। एनजीटी के सारे नियमो और सारे कानून कायदा को सरेआम ठेंगा दिखाते हुए चैन माउंटेन से महानदी के रेत घाटों में नदी का सीना छलनी किया जा रहा है। और जिम्मेदार मौन साधे हुए है। बरबसपुर एवं बडगांव में कानून की धज्जिायां उड़ाई जा रही है।
रेत खुदाई के अवैध कारोबार पर सत्ता पक्ष के लोगों की चुप्पी व प्रशासनिक निष्क्रियता सभी की मिलीभगत व इस अवैध कारोबार को मौन स्वीकृति की ओर इशारा कर रहा है। प्रशासन की चुप्पी बता रही है कि अवैध रेत खनन पर खनन माफियाओं को जिला प्रशासन की खुली छूट मिली हुई है। नतीजन सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के स्कूली बच्चों सहित आम जनों का जान जोखिम में पड़ गया है। श्री साव ने कहा कि प्रतिबंध के बाद भी चैन माउंटेन मशीन से रेत उत्खनन पर कार्रवाई क्यों नहीं जा रहा। अवैध कारोबारियों को किसका संरक्षण प्राप्त है। इसका जवाब जिम्मेदारों को देना चाहिए।