सावधान! टोल गेट पार करते ही कट सकता है ऑनलाइन चालान, बिना रुके स्कैन होगा वाहन नंबर

राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए यह खबर बेहद जरूरी है। यदि आप चारपहिया वाहन से कहीं जा रहे हैं या फिर आपका कोई भारी वाहन टोल गेट से गुजर रहा है, तो अब अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। टोल गेट पर लगे अत्याधुनिक ऑटोमैटिक कैमरों से अब वाहनों की नंबर प्लेट स्कैन की जा रही है और यदि वाहन के कागजात अपडेट नहीं पाए गए, तो बिना रोके ही ऑनलाइन चालान आपके मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, टोल प्लाजा पर लगे एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे वाहन के गुजरते ही नंबर प्लेट को स्कैन कर लेते हैं। इसके बाद वाहन की जानकारी परिवहन विभाग के डेटाबेस से मिलाई जाती है। यदि वाहन का बीमा, फिटनेस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट या अन्य जरूरी दस्तावेज अपडेट नहीं हैं, तो तत्काल ऑनलाइन चालान जनरेट हो जाता है।
बताया जा रहा है कि पहली बार टोल गेट पार करने पर करीब 800 रुपए का चालान काटा जाएगा। यदि वही वाहन दूसरी बार भी बिना अपडेट कागजात के टोल गेट से गुजरता है, तो चालान की राशि बढ़कर लगभग 1500 रुपए हो जाएगी। तीसरी बार भी यही राशि वसूली जाएगी। खास बात यह है कि यदि इसके बाद भी वाहन के दस्तावेज दुरुस्त नहीं कराए गए, तो जितनी बार वाहन टोल गेट क्रॉस करेगा, उतनी बार ऑनलाइन चालान कटता रहेगा।
इस नई व्यवस्था से वाहन चालकों में हड़कंप की स्थिति है। कई लोगों को तब झटका लगा, जब उनके मोबाइल पर अचानक चालान का मैसेज पहुंचा। हैरानी की बात यह है कि स्थानीय प्रशासन और कई परिवहन विभाग के अधिकारी भी इस नई कार्रवाई से पूरी तरह अवगत नहीं बताए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह व्यवस्था सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। सरकार का मानना है कि इस तकनीक से बिना चेकिंग प्वाइंट लगाए नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई संभव होगी और ईमानदार वाहन चालकों को अनावश्यक रोक-टोक से राहत मिलेगी।
हालांकि, वाहन चालकों का कहना है कि कई बार तकनीकी खामियों के कारण भी गलत चालान कटने की आशंका रहती है। ऐसे मामलों में चालान सुधार की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की जरूरत है। परिवहन विभाग की वेबसाइट या ई-चालान पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, लेकिन आम लोगों को इसकी पूरी जानकारी नहीं है।
फिलहाल वाहन चालकों को सलाह दी जा रही है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपने वाहन के सभी कागजात—बीमा, पंजीयन, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाण पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस—अपडेट कर लें। ऐसा नहीं करने पर टोल गेट पार करना भारी पड़ सकता है और बार-बार चालान कटने से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। यह नई व्यवस्था साफ संकेत देती है कि अब हाईवे पर नियमों की अनदेखी करना आसान नहीं रहेगा।