राठौर समाज की प्रथम कार्यकारिणी बैठक में लिए गए सामाजिक सुधार के लिए ऐतिहासिक निर्णय

जांजगीर चांपा। राठौर समाज की प्रथम कार्यकारिणी बैठक आशीष मंगलम, सारागांव में गरिमामय वातावरण में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश सभा, जिला सभा एवं ग्रामीण सभा के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रारंभ में सभी पदाधिकारियों का परिचय कराया गया, इसके पश्चात एजेंडा अनुसार महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा कर सर्वसम्मति से कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।
बैठक में सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दशगात्र कार्यक्रम में मृत्यु भोज (वैभव भोज) में मीठा नहीं खिलाने का संकल्प पारित किया गया। साथ ही पति की मृत्यु के बाद महिलाओं की नाई द्वारा चूड़ी उतरवाने की प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। मृत्यु उपरांत निजी संबंधियों को छोड़कर अन्य व्यक्तियों द्वारा कफ़न ले जाने पर भी रोक लगाने का संकल्प लिया गया।
विवाह पूर्व प्री-वेडिंग कार्यक्रमों को हतोत्साहित करने हेतु सामाजिक जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। राठौर समाज की सामाजिक जनगणना के लिए समिति गठन कर कार्य प्रारंभ करने का भी प्रस्ताव पारित हुआ। युवक-युवती परिचय सम्मेलन जांजगीर में आयोजित करने के लिए स्थान चयन व व्यवस्था हेतु समिति बनाई गई तथा प्रदेश स्तर पर प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
कोष व्यवस्था के तहत पदाधिकारियों द्वारा सामाजिक डोनेशन की घोषणा की गई, जिसमें आज कुल 6,30,299 रुपये की घोषणा हुई। वहीं निर्वाचन समिति के मुख्य निर्वाचन अधिकारी गोवर्धन राठौर द्वारा निर्वाचन से बचत 2,56,070 रुपये नगद समाज को प्रदान किए गए।
बैठक के अंत में पदाधिकारियों को ससम्मान प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा अनुपस्थित पदाधिकारियों के संबंध में आवश्यक अनुशासनात्मक निर्णय लिया गया। समाज की एकता, संगठन और सामाजिक सुधार के संकल्प के साथ बैठक का समापन हुआ।