छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

चांपा में पारिवारिक विवाद ने लिया गंभीर रूप, गाली-गलौज और मारपीट के प्रयास का आरोप; निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग

चांपा। पिता के निधन के बाद घर और संपत्ति में अपने वैधानिक अधिकारों से वंचित किए जाने की आशंका तथा पारिवारिक विवाद के चलते सुरक्षा की मांग को लेकर चांपा निवासी भूपेंद्र देवांगन ने पुलिस अधीक्षक, जांजगीर-चांपा के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अपनी और अपने घर की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

भूपेंद्र देवांगन के अनुसार, उनके पिता ओम प्रकाश देवांगन का निधन 6 अक्टूबर 2026 को हुआ था और 7 अक्टूबर को उनका अंतिम संस्कार किया गया। उन्होंने स्वयं को पिता का इकलौता पुत्र बताते हुए आशंका जताई है कि पिता के निधन के बाद उन्हें घर एवं उनसे संबंधित संपत्ति में अपने वैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा सकता है।

परिवार के सदस्यों पर अभद्र व्यवहार का आरोप

शिकायत में भूपेंद्र देवांगन ने मुकेश देवांगन, प्रतिभा देवांगन, भूमिका देवांगन, लक्ष्मीकांत देवांगन और अनीता देवांगन पर विवाद करने, गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार और दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, 8 अक्टूबर 2026 को परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में हुई बैठक के दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही मुकेश देवांगन एवं लक्ष्मीकांत देवांगन पर घर के अंदर आकर मारपीट का प्रयास करने का आरोप भी लगाया है। भूपेंद्र का कहना है कि इस घटना के बाद उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका होने लगी है।

मानसिक तनाव का हवाला देकर मांगी सुरक्षा

भूपेंद्र देवांगन ने शिकायत में कहा है कि पारिवारिक विवाद के कारण परिवार के कई लोगों ने उनसे संबंध तोड़ लिए हैं, जिससे वे खुद को अकेला और असहाय महसूस कर रहे हैं। उन्होंने लगातार चल रहे विवाद और कथित मानसिक प्रताड़ना के कारण अत्यधिक तनाव में होने की बात भी कही है।

कानून के माध्यम से समाधान चाहते हैं शिकायतकर्ता

भूपेंद्र देवांगन ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने तथा उनके और उनके घर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने अपने वैधानिक अधिकारों की रक्षा किए जाने की भी अपील की है।

शिकायतकर्ता का कहना है कि वे किसी प्रकार का विवाद या हिंसा नहीं चाहते, बल्कि पूरे मामले का समाधान कानून के माध्यम से चाहते हैं। मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा पुलिस प्रशासन की कार्रवाई के संबंध में जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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