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किसानों के लिए जरूरी खबर: 31 अक्टूबर तक कराएं पंजीयन, पीएम आशा योजना के तहत मिलेगी उपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी की सुविधा

मूंग ₹8,780, उड़द ₹8,200 और अरहर ₹8,450 प्रति क्विंटल की दर से खरीदी; जांजगीर-चांपा जिले की चार सेवा सहकारी समितियों में होगा पंजीयन

जांजगीर-चांपा। खरीफ फसल उगाने वाले किसानों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण योजना (पीएम आशा) के अंतर्गत जिले में मूंग, उड़द, मूंगफली, अरहर (तुअर) और सोयाबीन की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को 31 अक्टूबर 2026 तक एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य है। जिन किसानों का पहले से पंजीयन है, वे अपनी फसल के रकबे में संशोधन भी करा सकते हैं।

पांच फसलों के लिए निर्धारित समर्थन मूल्य

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ मर्यादित (नाफेड) के माध्यम से अधिसूचित फसलों की खरीदी निर्धारित समर्थन मूल्य पर की जाएगी। फसलवार समर्थन मूल्य इस प्रकार है:

  • मूंग: ₹8,780 प्रति क्विंटल
  • उड़द: ₹8,200 प्रति क्विंटल
  • मूंगफली: ₹7,517 प्रति क्विंटल
  • अरहर (तुअर): ₹8,450 प्रति क्विंटल
  • सोयाबीन: ₹5,708 प्रति क्विंटल

जिले की चार समितियों में होगा पंजीयन

जांजगीर-चांपा जिले में खरीफ वर्ष 2026 के लिए चार सेवा सहकारी समितियों को अधिसूचित किया गया है। इनमें बम्हनीडीह, अकलतरा, जांजगीर और पामगढ़ शामिल हैं। अधिसूचित दलहन एवं तिलहन फसल लगाने वाले किसान अपने क्षेत्र की संबंधित सेवा सहकारी समिति में जाकर पंजीयन करा सकते हैं।

पंजीयन की अवधि 1 जुलाई 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है। किसानों को समय-सीमा के भीतर पंजीयन या रकबा संशोधन की प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है, ताकि योजना का लाभ लेने में परेशानी न हो।

पंजीयन के लिए ये दस्तावेज रखें साथ

किसानों को पंजीयन के लिए निम्न दस्तावेजों की छायाप्रति साथ ले जानी होगी:

  • मोबाइल नंबर
  • आधार कार्ड
  • ऋण पुस्तिका
  • बी-1 एवं पी-2 दस्तावेज
  • बैंक पासबुक

कृषि अधिकारियों से भी ले सकते हैं जानकारी

किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी या वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी से संपर्क कर फसल पंजीयन की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। जिन किसानों का नाम पहले से एकीकृत किसान पोर्टल पर दर्ज है, उन्हें अपनी बोई गई फसल के रकबे की जानकारी जांचकर आवश्यकता होने पर संशोधन कराना चाहिए।

किसानों से अपील है कि अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 से पहले पंजीयन या रकबा संशोधन अवश्य करा लें, ताकि प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण योजना के तहत निर्धारित समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने की सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकें।

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