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जनप्रतिनिधियों के अधिकारों के हनन और पक्षपातपूर्ण रवैये पर कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति, मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने उठाया विकास निधि में भेदभाव का मुद्दा, जिला पंचायत सदस्यों की गिरफ्तारी और हाउस अरेस्ट की कार्रवाई पर भी जताई नाराजगी

जांजगीर-चांपा। जिला कांग्रेस कमेटी जांजगीर-चांपा के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में कांग्रेस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनके शिवरीनारायण प्रवास के दौरान औपचारिक मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शासन और प्रशासन के स्तर पर विपक्ष के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के साथ कथित पक्षपात, विकास निधि के आवंटन में भेदभाव और दमनात्मक कार्रवाइयों को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। कांग्रेस नेताओं ने इन मुद्दों पर अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को विस्तृत ज्ञापन सौंपा और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की रक्षा की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल के साथ जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप, पामगढ़ विधायक शेषराज हरबंश, जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप सिंह और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवल सिंह ठाकुर प्रमुख रूप से शामिल रहे।

विकास निधि के आवंटन में भेदभाव का आरोप

जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि कांग्रेस के आरोपों के अनुसार, वर्तमान सरकार के गठन के बाद से जांजगीर-चांपा जिले में विपक्ष के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के विकास निधि संबंधी अधिकारों में लगातार कटौती और मनमानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति विधायक से लेकर त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था के सरपंचों तक के अधिकारों को प्रभावित कर रही है।

राजेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि शासन के मंत्रियों और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर विपक्षी जनप्रतिनिधियों के साथ समान व्यवहार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर विकास निधि के आवंटन में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।

‘तेरा-मेरा’ की राजनीति का लगाया आरोप

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन से लेकर वर्तमान सरकार के सत्ता में आने से पहले तक विपक्ष के जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का पक्षपातपूर्ण व्यवहार देखने को नहीं मिला था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासनकाल में जिले के भीतर प्रशासनिक स्तर पर ‘तेरा-मेरा’ की राजनीति की जा रही है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि विकास कार्यों में राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को समान अवसर और सम्मान दिया जाए।

जिला पंचायत सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई पर जताई नाराजगी

प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में जिला पंचायत सदस्यों के साथ हुई कार्रवाई तथा उन्हें हाउस अरेस्ट किए जाने की घटना पर भी कड़ी नाराजगी जताई। कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताते हुए इसे जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने का प्रयास करार दिया। उन्होंने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने और जनहित के मुद्दों को उठाने का अधिकार मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष जांच का दिया आश्वासन

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नेताओं की बात गंभीरता से सुनी और मामले की अपने स्तर पर निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया। साथ ही, भविष्य में विकास निधि के आवंटन में विपक्षी जनप्रतिनिधियों को भी समान अधिकार और सम्मान सुनिश्चित करने की बात कही।

कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद जिले में विकास निधि के आवंटन और जनप्रतिनिधियों के साथ व्यवहार में निष्पक्षता सुनिश्चित होगी। अब इस मामले में शासन और प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रहेगी।

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