भीषण सिलेंडर ब्लास्ट से मचा कोहराम, 8 वर्षीय मासूम की मौत, 12 घायल, 7 की हालत नाज़ुक

बेंगलुरु। शुक्रवार सुबह चिन्नय्यनपल्या, विल्सन गार्डन इलाके में हुए भीषण सिलेंडर धमाके ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। हादसे में 8 वर्षीय मासूम मुबारक की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए, जिनमें सात की हालत गंभीर बताई जा रही है।
धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि प्रभावित मकान की पहली मंज़िल की छत और दीवारें ढह गईं, साथ ही आसपास के तीन से अधिक घर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। धमाके की आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हादसे का समय और शुरुआती जांच
यह घटना सुबह करीब 8:25 बजे अदुगोडी पुलिस थाना क्षेत्र में हुई। सूचना मिलते ही महज एक मिनट में दो फायर टेंडर मौके के लिए रवाना हो गए। पुलिस और दमकल विभाग की प्रारंभिक जांच में सिलेंडर लीक होने की आशंका जताई गई है, हालांकि फॉरेंसिक और तकनीकी टीमें सटीक कारण की जांच कर रही हैं।
मलबे में फंसे लोग, राहत अभियान तेज
धमाके के बाद कई लोग मलबे में दब गए। दमकल और बचाव दल ने जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को नज़दीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई को आईसीयू में रखा गया है।
चश्मदीदों का बयान
एक स्थानीय निवासी ने बताया, “मैं बाहर चाय पी रहा था, तभी जोरदार धमाका हुआ। सामने का मकान ढह गया और चारों तरफ धूल का गुबार फैल गया। हम भागकर मदद के लिए पहुंचे।”
प्रशासन और राजनीति की प्रतिक्रिया
घटनास्थल पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, दमकल विभाग के उच्च पदाधिकारी, आपदा प्रबंधन दल और स्थानीय जनप्रतिनिधि पहुंचे। प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया जा रहा है।
सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि गैस सिलेंडर का सुरक्षित इस्तेमाल बेहद जरूरी है — सिलेंडर और पाइप की नियमित जांच, समय पर बदलना, और गैस रिसाव की स्थिति में तुरंत गैस कंपनी को सूचित करना अनिवार्य है।
फिलहाल इलाका घेराबंदी में है और जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जैसे ही जांच पूरी होगी, विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी। यह हादसा चेतावनी है कि घरेलू गैस सिलेंडर की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।