छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

जन्मभूमि ग्राम अफरीद में स्वामी करपात्रीजी स्मृति शिक्षा एवं संस्कार केन्द्र के संचालन की है योजना:   सेवानिवृत्त प्राध्यापक बीडी दीवान

0 पुरी शंकराचार्यजी के दीक्षित शिष्य हैं डॉ. दीवान

अरविन्द तिवारी@जांजगीर चांपा। प्रत्येक व्यक्ति पर जन्मभूमि का कर्ज रहता है , मुझ पर भी मेरी जन्मभूमि ग्राम अफरीद जिला जांजगीर चाम्पा (छत्तीसगढ़) का कर्ज है। सेवानिवृत्ति के पश्चात जन्मभूमि में धर्मसम्राट स्वामी करपात्रीजी की स्मृति में जो कि मेरे पूज्य गुरुदेव पुरी शंकराचार्यजी के गुरुदेव भी है , एक शिक्षा एवं संस्कार केन्द्र स्थापित करने की योजना है।

जिसमें जरुरतमंद एवं इच्छुक बच्चों विशेषकर जो प्राथमिक तथा माध्यमिक स्तर पर अध्ययनरत हैं , उनके लिये पाठ्यक्रम से संबंधित नि:शुल्क मार्गदर्शन की व्यवस्था के साथ साथ व्यक्तित्व निर्माण में सकारात्मक सोच , तनाव एवं समय प्रबंधन , प्रकृति के साथ सामंजस्य और उसके संरक्षण की भावना जागृत करने की होगी। युवक तथा युवतियों के आर्थिक स्वावलंबन हेतु उनके रुचिकर क्षेत्र में प्रशिक्षण की सुविधा , सांस्कृतिक क्षेत्र में लोक परम्परा तथा लोक नृत्यों की परिपाटी को बढ़ावा देने का प्रयास किया जायेगा। कृषकों को प्राकृतिक खाद का उपयोग , सामूहिक खेती तथा फसल चक्र परिवर्तन हेतु प्रेरित करने की योजना है।

उपरोक्त बातें डा० बी० डी० दीवान ने अरविन्द तिवारी के साथ वार्तालाप में शासकीय मयूरध्वज महादानी राजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय चाम्पा से सेवानिवृत्ति के पश्चात उनके भावी योजना के संबंध में कही। सेवानिवृत्ति के अवसर पर प्रथम सत्र में स्नातकोत्तर रसायन विभाग के पूर्व एवं वर्तमान विद्यार्थियों ने सम्मान समारोह आयोजित किया जिसमें विभाग के पूर्व तथा वर्तमान शैक्षणिक स्टाफ , प्रयोगशाला स्टाफ , विभागाध्यक्ष डाॅ नीलिमा पांडे तथा प्राचार्य डाॅ एच पी खैरवार उपस्थित रहे। डाॅ० खैरवार ने अपने उद्बोधन में डाॅ० दीवान के संस्था एवं शिक्षा के क्षेत्र में योगदान का उल्लेख किया तथा विभाग के विद्यार्थियों को विभाग की उन्नत शैक्षणिक परम्परा को निरंतरता प्रदान करने का आह्वान किया। सेवानिवृत्त हो रहे प्राध्यापक दीवान ने अपने विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञता अर्जित करने के साथ ही अपने व्यक्तित्व में सरलता , सादगी , सकारात्मक सोच तथा अपनी जन्मभूमि तथा पालकों के प्रति सम्मान एवं समर्पण की भावना जागृत करने की सलाह दी।

अपरान्ह महाविद्यालय परिवार द्वारा आयोजित बिदाई समारोह में परिवारजन डाॅ परस शर्मा , दिलीप तिवारी , दिनेश शर्मा , पद्मेश शर्मा , नरेश धर , विजय धर , योगेन्द्र धर , श्रीमती मनोरमा शर्मा , श्रीमती रंजना दीवान , प्रतिभा दीवान , पद्मा शर्मा , हरिहर तिवारी , भालचंद तिवारी , उपेन्द्र धर , महेन्द्र धर , शाश्वत धर , सरपंच श्रीमति बिंदू दीवान , ऋचा शर्मा , कामिनी बेहार , वीणा तिवारी एवं गणमान्य नागरिक नागेन्द्र गुप्ता , प्रदीप नामदेव , राजेश अग्रवाल , हरीश पांडेय , रविन्द्र द्विवेदी , संतोष थवाईत , महेन्द्र तिवारी , शशिभूषण सोनी , शांति सोनी , रामकिशोर शुक्ला , डाॅ० धनेश्वरी जागृति , संगीता पांडेय , वंदना पांडेय , ममता जायसवाल , पूनम गौरहा , शांति थवाईत , आर्या तिवारी , सीए विभा तिवारी , रेसलर प्रतीक तिवारी , अरविन्द तिवारी , अजय मिश्रा ,धनंजय मिश्रा , लोकनाथ राठौर उपस्थित रहे। महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने अपने वरिष्ठ साथी का सफलता पूर्वक अधिवार्षिकी सेवा पूर्ण करने पर आत्मीय स्वागत किया एवं आगामी सुखमय जीवन के लिये शुभकामनायें प्रदान की।

इस अवसर पर डाॅ परस शर्मा ने परिवारजन की ओर से सम्मान समारोह आयोजन हेतु तथा सभी परिवारजन को आमंत्रित करने के लिये महाविद्यालय परिवार का आभार व्यक्त करते हुये संयुक्त परिवार के सदस्य के रुप में बी० डी० दीवान के पारिवारिक कर्तव्य निर्वहन की सहजता तथा सरलता का उल्लेख किया। दिनेश शर्मा ने बी० डी० दीवान के साथ अपने संस्मरण साझा करते हुये आगे लेखनी के माध्यम से उनके द्वारा समसामयिक तथा प्रेरक लेख प्राप्त होने की आशा व्यक्त की। प्राध्यापक दीवान ने अपने उद्बोधन में कहा कि शासकीय कार्य संपादन में हमेशा पूरे परिवार का सहयोग , शुभेच्छा साथ रहती थी तथा महाविद्यालय में सभी सहयोगियों के साथ मिलकर सभी के ऊर्जाओं का संस्था हित में एकसाथ समेकित होने के कारण संस्था की प्रगति तथा छात्र हित में कार्य करने में कभी भी कठिनाई नहीं हुई।

कर्तव्य निर्वहन में नगर के सभी जनप्रतिनिधिगण , पालकगण , छात्रनेताओं , अनुशासित विद्यार्थियों के सहयोग के कारण अध्यापन कार्य एवं शासकीय कार्य निर्विघ्न सम्पन्न होता रहा। प्राध्यापक दीवान द्वारा भविष्य में संस्था की प्रगति तथा छात्रों के मार्गदर्शन में निरंतर महावीद्यालय से सतत संपर्क बनाये रखने हेतु आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुये डाॅ० व्ही० के० शर्मा ने बी डी दीवान के सेवाकाल के विभिन्न उपलब्धियों को रेखांकित किया , डाॅ सुनीता राठौर ने आभार व्यक्त किया। प्राचार्य महोदय ने विभिन्न स्वत्वों के भुगतान हेतु बी डी दीवान को आदेश प्रतिलिपि तथा स्मृति चिन्ह प्रदान किया। वाणिज्य विभाग , कार्यालयीन स्टाफ , रसायन विभाग तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने भी अपनी भावनाओं के अनुरुप स्मृति चिन्ह प्रदान किया।

महाविद्यालय में बिदाई समारोह सम्पन्न होने के पश्चात परिवारजनों तथा ग्राम से आये हुये ग्रामीणजन , महिलाओं एवं कर्मा दल की बालिकाओं ने महाविद्यालय परिसर में ही सेवानिवृत्ति के बाद अपने ग्राम में एक नागरिक के रूप में सम्मिलित होने के लिये प्राध्यापक दीवान का स्वागत किया। इस आयोजन में प्राचार्यगण डाॅ डी आर लहरे , डाॅ जी आर पाटले , डाॅ सी पी नंद , प्रो बी के पटेल , रायगढ़ महाविद्यालय से डाॅ आर के तंबोली , डाॅ धनेश सिंह , डाॅ सरोज , डाॅ प्रमोद गबेल , टीसीएल महाविद्यालय से डाॅ पी के सिंह , डाॅ के के मिश्रा , डाॅ के के पटेल‌ , डाॅ एम आर बंजारे , प्रो आर जी खूंटे , पूर्व प्राध्यापकगण प्रो आर के पांडेय , प्रो आर जी राठौर , प्रो एच आर पटेल , डाॅ भारती शर्मा , महेश राठौर विशेष रूप से सम्मिलित हुये। महाविद्यालय के आयोजन पश्चात ग्रामवासियों ने उनको कर्मानृत्य के साथ शांतिनगर स्थित निवास तक परिवारजन तक पहुंचाया।

इस खुशी के अवसर पर कर्मानृत्य के साथ पूरा परिवार बहन मनोरमा शर्मा , सरिता शर्मा , विनीता तिवारी , भ्राता पद्मेश – पद्मा शर्मा , विनयधर – श्वेता ( लघु भ्राता – बहू) , हर्षवर्धन – अल्पना ( पुत्र – पुत्रवधू) , अवंतिका – पीयूष (पुत्री – दामाद) , पुत्रवधू नीता शर्मा , बच्चे शिवाय , आरात्रिका , आद्विका , आह्लादिता एवं स्वयं बी डी दीवान भी धर्मपत्नी संगीता दीवान के साथ भावविभोर होकर झूम उठे। बतातें चलें कि बी डी दीवान की प्राथमिक शिक्षा ग्राम अफरीद में हुई आगे शेष स्कूली , स्नातक तथा स्नातकोत्तर शिक्षा रायपुर में पूर्ण हुई। अपने सेवाकाल में चाम्पा के अलावा कोरबा तथा रायपुर कन्या महाविद्यालय में भी अध्यापन कार्य किया। ये पुरी शंकराचार्यजी स्वामी श्रीनिश्चलानन्द जी सरस्वती महाराज के दीक्षित शिष्य हैं तथा शंकराचार्यजी द्वारा संस्थापित संगठन धर्मसंघ पीठ परिषद , आदित्य वाहिनी के सक्रिय सदस्य हैं और उनके संदेशों तथा विचारों को विशेषकर ग्रामीण अंचलों में प्रसारित करने मे संलग्न हैं।