चांपा का एकमात्र खेल मैदान बना “खोदाई प्रयोगशाला”, खिलाड़ियों का फूटा गुस्सा! नगरपालिका सवालों पर खामोश!

जांजगीर-चांपा जिले के चांपा नगरपालिका क्षेत्र में खेल प्रेमियों की नाराज़गी इन दिनों चरम पर है… ? नगर में केवल एक ही खेल मैदान भालेराय है, और वही मैदान अब अव्यवस्था का शिकार है! विजयदशमी पर बारिश ने मैदान को दलदल बना दिया… हालात ऐसे थे कि मैदान में पानी भर गया, मिट्टी खराब हो गई। नगरपालिका ने समाधान के नाम पर रेत और सिलेक चूड़ी डालकर मैदान को “ठीक” करने की कोशिश की, लेकिन असली कहानी तो उसके बाद शुरू हुई!
अभी क्रिकेट होना है… तो पूरा मैदान दोबारा खोदा जा रहा है! पहले पाटा… फिर खोदा… फिर पाटा… और फिर खोदा!
नगरपालिका की इस उलझी हुई “मरम्मत नीति” ने खिलाड़ियों का खेल ही नहीं—सब्र भी छीन लिया है।
“मैदान में हम क्रिकेट खेलते हैं, फुटबॉल खेलते हैं, दौड़ लगाते हैं… लेकिन हर बार काम अधूरा! मैदान जैसे प्रयोगशाला बना हुआ है!”और
सबसे बड़ी बात—जब कैमरा लेकर सवाल पूछने नगरपालिका सीएमओ के चेंबर में पहुंचे सीएमओ कुछ भी कहने से बचते नजर आए।
वहाँ पसरी मिली सिर्फ चुप्पी!
सवाल पूछे गए… जवाब नहीं मिले।
जिम्मेदारी की बात आई… तो कुर्सियाँ भी खामोश हो गईं!
चांपा का यह अकेला मैदान… खिलाड़ियों की उम्मीदों का मैदान… क्या कभी ठीक होकर खेल को समर्पित होगा? या फिर रेत, सिलेक, और बार-बार की खोदाई में ही इसकी पहचान खो जाएगी? एक बार काम हो… लेकिन ठीक से हो!क्योंकि खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं—यह शहर की पहचान है।