दलित युवक अविनाश सूर्यवंशी की सामूहिक हत्या का गंभीर आरोप, सामाजिक कार्यकर्ता विकास शर्मा ने CBI को भेजी शिकायत

चांपा। जिले के चर्चित ‘डिकम्पोज्ड बॉडी केस’ में एक बार फिर हलचल मच गई है। सामाजिक कार्यकर्ता विकास शर्मा ने इस मामले में बड़ा कदम उठाते हुए CBI को साक्ष्यों सहित विस्तृत ईमेल शिकायत भेजी है। उन्होंने आरोप लगाया है कि दलित युवक अविनाश सूर्यवंशी (मृतक) की सामूहिक हत्या को वर्ष 2021 से दुर्घटना करार देने के लिए एक ट्रांसपोर्टर, भ्रष्ट लोक सेवकों और क्षेत्रीय नेताओं ने मिलकर एक बड़ा षड्यंत्र रचा है।
हत्या को दुर्घटना बताने का आरोप
शिकायत में बताया गया है कि 02 अगस्त 2021 की रात चांपा के एक ट्रांसपोर्ट के मालिक के पुत्र व कर्मचारियों ने डीजल चोरी के शक में अविनाश को कथित रूप से रस्सी व लकड़ी के बल्ले से पीट-पीटकर मार डाला। इसके बाद शव को दूर फेंका गया और 04 अगस्त को गुमशुदगी दर्ज की गई। अगले दिन 05 अगस्त को कलिंग ट्रांसपोर्ट के पास से अविनाश का अत्यंत विघटित (Highly Decomposed) शव बरामद किया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट की अस्पष्टता पर सवाल
शिकायत के अनुसार शव के विघटन का लाभ उठाकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण “स्पष्ट नहीं” बताया गया। रिपोर्ट में शव 60–72 घंटे पुराना बताया गया, मगर हत्या की आशंका को नज़रअंदाज़ कर दिया गया। सामाजिक कार्यकर्ता ने इसे स्थानीय पुलिस और प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत बताया है।
CBI से जल्द FIR दर्ज करने की मांग
विकास शर्मा ने CBI से मांग की है कि ट्रांसपोर्टर, संबंधित कर्मचारियों, भ्रष्ट लोक सेवकों और नेताओं पर 302, 120B, SC/ST एक्ट व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की जाए। गवाहों को सुरक्षा प्रदान की जाए। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
उन्होंने कहा, “दलितों के साथ हो रहे अत्याचार को दबाने का यह गंभीर उदाहरण है। हमने सभी साक्ष्य CBI को दे दिए हैं, अब न्याय CBI के हाथ में है।”
मीडिया और मानवाधिकार संगठनों से अपील
विकास शर्मा ने राष्ट्रीय मीडिया, मानवाधिकार संस्थाओं और सामाजिक संगठनों से आग्रह किया कि वे इस गंभीर मामले को उठाएं, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और CBI पर तुरंत कार्रवाई का दबाव बने।
यह मामला एक बार फिर क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बन गया है और अब नजरें CBI की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।