छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

समृद्ध भारत एवं समाज परिवर्तन के लिए मातृत्वशक्ति के सामर्थ्य, नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को समर्पित सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम

विद्याभारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में समृद्ध भारत एवं समाज परिवर्तन हेतु मातृत्वशक्ति के सामर्थ्य, नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को समर्पित सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम सरस्वती शिशु मंदिर पूर्व माध्यमिक विद्यालय चांपा हटरी में दिनांक 03 दिसम्बर 2025, दिन बुधवार को आयोजित हुआ।

इस संगम में 220 मातृशक्ति की सहभागिता , 13 समाज प्रमुख, 5 कीर्तन मंडली , 4 संस्कार केंद्र की विशेष उपस्थिति रही| कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती नेहा अविनाश अग्रवाल छ.ग प्रदेश पर्यावरण प्रकल्प प्रमुख, अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, मुख्य अतिथि श्रीमती लक्ष्मीप्रियम स्वर्णकार होम्योपैथिक चिकित्सक, प्रयास सेवा संस्थान सदस्य चांपा , मुख्य वक्ता श्रीमती सविता गोस्वामी श्रीमद् भगवद्गीता कथा वाचिका, श्रीमती ललिता तिवारी सप्तशक्ति संगम विभाग संयोजिका, कोरबा विभाग रहे |

विद्यालय के प्रवेश द्वार पर बहिनों द्वारा तिलक व पुष्प गुच्छ से सभी मातृशक्ति ,अतिथि का स्वागत किया| सभाकक्ष में अतिथियों के आगमन पर बहिनों द्वारा गीत नवयुग का नवविचार आया… गीत की प्रस्तुति हुई,

सरस्वती ,ॐ,भारत माता के तैलचित्र पर पूजन-अर्चन कर अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तत्पश्चात सरस्वती वंदना बहिनों द्वारा किया गया ,अतिथि परिचय सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम प्रभारी एवं मंच-संचालन श्रीमती रागिनी शुक्ला ने किया ,अतिथि स्वागत सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम सहप्रभारी श्रीमती पूणिॅमा कटकवार ,श्रीमती ममता तिवारी ने तिलक , श्रीफल, स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया| कार्यक्रम की प्रस्तावना श्रीमती ललिता तिवारी सप्तशक्ति संगम विभाग संयोजिका कोरबा विभाग ने किया | प्रस्तावना के बाद समूह गीत- हम ही मातृशक्ति है…बहिनों द्वारा किया गया |

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता श्रीमती सविता गोस्वामी ने उदबोधन ” कुटुंब प्रबोधन की भारतीय दृष्टि विषय में बताए कि हम अपने बच्चों को कैसे संस्कार दें यह वह स्वयं ही कर सकती हैं जैसे कि प्रह्लाद आदि की कहानी आदि , आज बच्चों को मोबाइल, टी.वी. से दूर रखे ,अपने घर को कैसे हम संजोकर साफ – सुथरा रखें , स्वच्छ रखें ,बच्चों को अच्छे संस्कार दें उन्हें राम -कृष्ण, बुद्ध, सीता बनाए |

मातृशक्ति प्रश्नोंतरी श्रीमती गोमती देवांगन, कु. कीर्ति गुप्ता ने किया | प्रेरणादायी संदेश देते हुए पारम्परिक वेषभूशा में सुन्दर प्रस्तुती हुई इसमें झांसी की रानी बहिन वर्तिका देवांगन ने महारानी लक्ष्मीबाई के किरदार व उसके वाक्य कहा कि” मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी , अहिल्याबाई होलकर के वेशभूषा में निधी यादव बताया उनके संदेश को बताया कि अहिल्या बाई होलकर ने न्याय का सामना सिखाया , माता सीता के वेशभूषा में छात्रा चंचल वैरागी ,सावित्रीबाई फूले के वेश में अर्पिता सिंह संदेश बताया कि सावित्री बाई फुले ने पढ़ाई के महत्व को बताया है|
मुख्य अतिथि लक्ष्मीप्रियम स्वर्णकार ने उदबोधन में कहा कि हमें अपने घरों में रखे गीता ,रामायण, वेद ,पुराण ,उपनिषद आदि ग्रंथों को अध्ययन करना चाहिए, भोजन करने के पहले भोजन मंत्र करें | भारतीय परंपरानुसार वेषभूषा हो , सिंदूर व चूड़ी का वैज्ञानिक महत्व बताया।
विशिष्ट माताओं का सम्मान मंच में अतिथियों के द्वारा स्मृति चिन्ह श्रीमती शकुन्तला सोनी , श्रीमती रेखा शर्मा को दिया गया | कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं श्रीमती नेहा अविनाश अग्रवाल ने बताए कि हम कैसे पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दें कहीं भी कचड़ा न फेंके, हमेशा कूड़ेदान का उपयोग करें, प्लास्टिक के जगह में कागज या कपड़े के थैले का उपयोग करें | इस प्रकार अपना कर्तव्य का पालन कर समाज को बढ़ाए | आभार विद्यालय प्रार्थना प्रमुख श्रीमती खुशीला तिवारी ने किया | मिनाक्षी देवांगन ने इस अवसर पर एक संकल्प भी मातृशक्ति को कराया कि – मैं परिवार, समाज, राष्ट्र तथा विश्व कल्याण के लिए कार्य करूंगी। कल्याण मंत्र के साथ सप्तशक्ति संगम का समापन हुआ।