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पेंशनर भारतीय समाज के श्रेष्ठ मार्गदर्शक : डॉ. एम.एल. सोनार

चांपा। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ द्वारा 17 दिसंबर को शंकर नगर, चांपा में राष्ट्रीय पेंशनर दिवस एवं पेंशनर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शासकीय एम.एम.आर. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चांपा के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. एम.एल. सोनार रहे, जबकि अध्यक्षता सेवानिवृत्त जिला आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. जी.पी. दुबे ने की।

मुख्य अतिथि डॉ. सोनार ने अपने संबोधन में कहा कि पेंशनर विभिन्न विभागों में लंबे समय तक शासकीय दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हैं, जिससे उन्हें व्यापक अनुभव प्राप्त होता है। यही अनुभव उन्हें भारतीय समाज का श्रेष्ठ मार्गदर्शक बनाता है। पेंशनर चाहे गांवों में हों या महानगरों में, वे निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय पेंशनर दिवस एवं सम्मान कार्यक्रम को प्रशंसनीय बताया।

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. जी.पी. दुबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पेंशनरों को समय पर महंगाई राहत और एरियर्स का भुगतान नहीं हो रहा है। मोदी की गारंटी लागू कराने के लिए पेंशनरों की एकजुटता आवश्यक है। उन्होंने मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) हटाने के लिए महासंघ के संघर्ष को तेज करने की बात कही।

कार्यक्रम में वरिष्ठ पेंशनरों गोकुलदास वैष्णव, रामचरण थवाईत, जगन्नाथ प्रसाद साहू, ओंकार प्रसाद जायसवाल, सुरेश धर दीवान, रतनलाल सोनार, बी.एस. राजपूत, मनहरण सिंह राजपूत, नैन सिंह क्षत्रिय, हेमंत कुमार सोनी, अवध राम घृत लहरे सहित कुल 35 पेंशनरों को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन जिलाध्यक्ष परमेश्वर स्वर्णकार ने किया तथा आभार प्रदर्शन जिला कार्यालय प्रमुख रामसेवक सोनी ने किया।