विधायक ब्यास कश्यप ने जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला का 5 दिवसीय आयोजन किए जाने के लिए कलेक्टर को लिखा पत्र

जांजगीर-चांपा। जिले की सांस्कृतिक विरासत एवं किसानों के तकनीकी उन्नयन को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से विधायक ब्यास कश्यप ने जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला का आयोजन 05 दिवसीय किये जाने हेतु कलेक्टर जांजगीर-चांपा को पत्र लिखा है।
विधायक ब्यास कश्यप ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि जाज्वल्य देव लोक महोत्सव के माध्यम से लोग जिले की लोक कला एवं संस्कृति के विषय में परिचित होते हैं, वहीं कृषक गोष्ठियों के माध्यम से किसानों को कृषि के क्षेत्र में हो रहे नित नये अनुसंधान, आविष्कार एवं खेती की अत्याधुनिक तौर-तरीकों के बारे में जानने, समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने आगे लिखा कि उन्हें जानकारी मिल रही है कि इस आयोजन की समय-सीमा को कम कर दो दिवसीय किया जा रहा है जो कि उचित नही है। इससे इस महती आयोजन की गरिमा प्रभावित होगी।
उन्होंने कहा कि यदि इस आयोजन को 5 दिवसीय किया जाता है, तो जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से आने वाले कलाकारों, किसानों, कृषि विशेषज्ञों एवं आम नागरिकों को पर्याप्त अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय लोक कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा, किसानों को नवीन कृषि तकनीकों की जानकारी मिलेगी तथा जिले की सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊंचाई प्राप्त होगी।
विधायक कश्यप ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि जनहित एवं जिले के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला को 5 दिवसीय आयोजित करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसी के साथ ही उन्होंने चांपा नगर में होने वाले हसदेव महोत्सव को पुनः प्रारंभ करने की मांग भी कलेक्टर के समक्ष रखी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के पूर्व तक चांपा नगर में हसदेव महोत्सव उद्योग एवं व्यापार मेला का आयोजन होता रहा है, किन्तु कोरोना काल में लाॅक डाउन के कारण इस पर रोक लगाई गई थी जिसे आज पर्यन्त तक प्रारंभ नही किया गया है। चांपा नगर की पहचान, कोसा, कांसा एवं कंचन की नगर के रूप में तो है ही। यह क्षेत्र उद्योग के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में यहां के उद्योग एवं व्यापार को बढ़ावा देेने के उद्देश्य से हसदेव महोत्सव का आयोजन अति आवश्यक है। कलेक्टर जिला जांजगीर-चांपा के द्वारा विधायक की बातों को ध्यान से सुना गया तथा इस पर शीघ्र निर्णय लेने की बात कही गई है।
