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हत्या की गुत्थी सुलझाने वाले निरीक्षक मनोहर सिन्हा की विवेचना रंग लाई, पत्नी को आजीवन कारावास

जांजगीर-चांपा। थाना पामगढ़ क्षेत्र के ग्राम डोंगाकोहरौद में हुए अंधे हत्याकांड के मामले में अदालत ने आरोपी पत्नी अंजू नट उर्फ कोंदी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिन्हा की उत्कृष्ट विवेचना का परिणाम माना जा रहा है, जिन्होंने महज तीन दिनों में इस जघन्य हत्या की गुत्थी सुलझा ली थी।

पुलिस के अनुसार 13 जुलाई 2024 को मनोज नट (40) की धारदार व नोकदार हथियार से हत्या की सूचना मिली थी। प्रारंभ में मामला अज्ञात आरोपी के खिलाफ दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान निरीक्षक मनोहर सिन्हा ने बारीकी से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पत्नी अंजू नट को संदेह के घेरे में लिया।

पूछताछ में सामने आया कि 12 जुलाई की रात शराब के नशे में पति से हुए झगड़े के बाद अंजू नट ने पहले हथौड़ी से सिर पर वार किया और फिर चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने शव को घसीटकर तालाब के पास फेंक दिया और हथियार छिपा दिए। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हथौड़ी बरामद कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा था।
मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने अंजू नट को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले से पुलिस की तत्परता और सटीक विवेचना की सराहना की जा रही है।

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