जगद्गुरु शंकराचार्य को स्नान से रोकना भाजपा का हिंदू विरोधी चरित्र : राजेश अग्रवाल

जांजगीर-चांपा। जिला कांग्रेस कमेटी जांजगीर-चांपा के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सहित संतों को शाही स्नान से रोके जाने और उनके साथ कथित दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस संबंध में जारी विज्ञप्ति में कहा कि स्वयं को हिंदुओं का ध्वजवाहक बताने वाली भाजपा सरकार का यह कृत्य उसके हिंदू विरोधी चरित्र को उजागर करता है।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 40 वर्षों से नियमित रूप से शाही स्नान करते आ रहे हैं और यह पहली बार है जब उन्हें इस अखंड धार्मिक परंपरा से रोका गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौनी अमावस्या के शाही स्नान जैसी सदियों पुरानी सनातन परंपरा का अपमान कर भाजपा सरकार ने पूरे हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
उन्होंने कहा कि शंकराचार्य को अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका जताते हुए 36 घंटे से अधिक समय तक अनशन पर बैठना पड़ा, लेकिन सरकार की ओर से उनसे संवाद का कोई प्रयास नहीं किया गया। राजेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य के शिष्यों के साथ मारपीट की गई और उन्हें जबरन रोका गया, जो अत्यंत निंदनीय है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जिस परंपरा को न मुगलों ने रोका और न ही अंग्रेजों ने, उसे रोकने का दुस्साहस भाजपा सरकार ने कैसे किया। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य का अपमान सनातन धर्म का अपमान है और कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी।