छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

परमात्मा परम सत्य है अणु से भी सूक्ष्म, आदित्य वर्ण, अचिंत्य रूप ज्योतिस्वरूप है: शशिप्रभा दीदी

0 श्रीमद् भगवत गीता सार सुखद जीवन का आधार ज्ञान यज्ञ का पाँचवा दिन l

  0 गीता ज्ञान के पांचवें दिन परम सत्य महाज्योति परमात्मा का गीता में वर्णित परिचय श्रद्धालुओं नें प्राप्त किया l

चांपा: लक्ष्मी टाइपिंग हजारी गली अम्बे रेसिडेंसी में चल रहे श्रीमद् भगवत गीता सार सुखद जीवन का आधार ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन प्रवक्ता राजयोगिनी तपस्विनी ब्रह्माकुमारी शशिप्रभा दीदी जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए परमात्मा का गीता में वर्णित सत्य परिचय से अवगत कराते हुए कहा कि भगवान इस धरा पर आते हैं और अभी भगवान स्वयं आकर यह ज्ञान दे रहे हैं गीता में दिए गए वचन के अनुसार जब-जब धर्म की अति ग्लानि होती है तब- तब भगवान इस धरा पर अवतरित होते हैं और सत्य गीता ज्ञान देकर मनुष्यओं की सदगति करते हैं।

गीता में भगवान ने कलयुग के जितने लक्षण बताए हैं सबसे हम आगे निकल चुके हैं यही समय है जब भगवान इस धरा पर आ चुके हैं और भगवान ने अपने स्वरूप का ज्ञान हमें दिया है वह ज्योति स्वरूप है, अणु से भी सूक्ष्म है, आदित्य वर्ण है,अचिंत्य स्वरूप है, जिस प्रकार हजारों सूर्य एक साथ आकाश मंडल में उदित होने से प्रकाश होता है इतना ही उनका प्रकाश तेजोमय है, बीजम मां सर्वभूतानाम विधिपार्थ सनातनम इस संपूर्ण सृष्टि के वह बीज रूप है 11वें अध्याय के 32वें शलोक में उन्होंने कहा है कि मैं कालों का काल महाकाल हूं l

जब हम उन्हें दिल से पुकारते हैं याद करते हैं तो वह तुरंत मदद के लिए हमारे पास उपस्थित हो जाते हैंl इसलिए हर एक जीवात्मा का कर्तव्य है कि वह अर्जुन की भांति परमात्मा को अपनी बुद्धि चित् समर्पित कर उनके बताए मार्ग का अनुसरण करें lकार्यक्रम आयोजक श्री लक्ष्मीचंद देवांगन एवं श्रीमती उमा देवांगन ने कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं का अभिनन्दन किया l कार्यक्रम के दौरान गीता ज्ञान श्रवण कर रहे श्रद्धालुओं में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष चांपा राजेश अग्रवाल, सुनील साधवानी, अनिल मनवानी, मनोज धमेचा, रामू खुबवानी, नागेंद्र गुप्ता आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे सभी श्रद्धालुओं में उमंग उत्साह और हर्ष का वातावरण बना रहा l

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