छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

मां हसदो के पुनर्जीवन की मांग तेज, भाजपा नेता व पूर्व राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि अखिलेश कोमल ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

जांजगीर-चांपा। जिले की जीवनरेखा कही जाने वाली पुण्य सलिला माँ हसदो नदी को बचाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। भाजपा नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद प्रतिनिधि अखिलेश कोमल पाण्डेय ने जिलाधीश जनमेजय महोबे से मुलाकात कर नदी की सफाई और संरक्षण को लेकर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में बताया गया कि वर्तमान समय में औद्योगिक प्रदूषण, अवैध उत्खनन और अतिक्रमण के कारण माँ हसदो नदी की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और यह विलुप्ति के कगार तक पहुंचने की आशंका पैदा हो गई है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, यह नदी केवल जलस्रोत नहीं बल्कि पूरे जिले की आस्था और जीवन का आधार है।

ज्ञापन में वर्ष 2013-14 में हसदो सेवा प्रकल्प द्वारा चलाए गए जनजागरण अभियान का भी उल्लेख किया गया, जिसमें नमामि गंगे और नमामि नर्मदा जैसी योजनाओं की तर्ज पर “नमामि देवी हसदो” प्रोजेक्ट की मांग उठाई गई थी। उस समय तपसीधाम एनीकट चांपा से कुदरी बैराज तक लगभग 3 किलोमीटर क्षेत्र में सफाई कार्य के लिए सीएसआर मद से करीब 2 करोड़ रुपये के प्रस्ताव की जानकारी भी सामने आई थी।

हालांकि, वर्षों बीत जाने के बाद भी यह मांग पूरी नहीं हो सकी, जिससे नदी की स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। क्षेत्रवासियों ने कई बार रैली और जनआंदोलन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन ठोस कार्यवाही नहीं हो पाई।

इसी कड़ी में 28 अप्रैल 2026 को अखिलेश कोमल पाण्डेय ने कलेक्टर से मिलकर सीएसआर एवं अन्य शासकीय योजनाओं के साथ-साथ जनसहयोग से नदी के पुनर्जीवन की मांग की। उन्होंने माँ हसदो के संरक्षण को लेकर ठोस और त्वरित कदम उठाने की अपील की।

कलेक्टर जनमेजय महोबे ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर भाजयुमो महामंत्री आदर्श पाण्डेय सहित हसदो सेवा प्रकल्प के सदस्य भी उपस्थित रहे।

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