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चांपा में विराजीं महारानी मां दुर्गा, टेराकोटा थीम का भव्य पंडाल बना आकर्षण का केंद्र

छत्तीसगढ़ में पहली बार टेराकोटा हस्तशिल्प की थीम पर सजा पंडाल, शतचंडी महायज्ञ के साथ नवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ; पारंपरिक कला और आधुनिक सजावट का दिख रहा अद्भुत संगम

जांजगीर चांपा। कोसा, कांसा और कंचन की नगरी चांपा में नवरात्रि पर्व की छटा इस बार देखते ही बन रही है। शहर के कोरबा रोड स्थित सिवनी चौक में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा और आकर्षक साज-सज्जा ने भक्तिमय वातावरण को और भी दिव्य बना दिया है। यहां विराजमान चांपा की महारानी मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शुरू हुए इस नवरात्रि महोत्सव में इस बार सबसे खास आकर्षण टेराकोटा थीम पर तैयार किया गया भव्य पंडाल है, जो अपनी अनूठी कल्पना और पारंपरिक शिल्पकला के कारण चर्चा में है।

इस वर्ष सिवनी चौक के नवरात्रि आयोजन को खास बनाने के लिए पंडाल को टेराकोटा हस्तशिल्प की थीम पर तैयार किया गया है। आयोजकों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में पहली बार इस तरह की थीम का उपयोग किया गया है। पंडाल की परिकल्पना में पश्चिम बंगाल के माकोड़ा क्षेत्र की पारंपरिक हस्तशिल्प कला से प्रेरणा ली गई है। प्राकृतिक संसाधनों और पारंपरिक शिल्प से जुड़ी सामग्रियों के उपयोग के जरिए पंडाल को ऐसा स्वरूप देने का प्रयास किया गया है, जिसमें भारतीय लोककला की खूबसूरती और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई दे।

बांस और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से तैयार टोकरियों, चूड़ियों सहित विभिन्न हस्तशिल्प सामग्रियों को सजावट में शामिल किया गया है। इन सामग्रियों के कलात्मक संयोजन से पंडाल को आकर्षक डिजाइन और पारंपरिक रूप दिया जा रहा है। यही अनूठी थीम इस बार सिवनी चौक के आयोजन को अन्य आयोजनों से अलग पहचान दे रही है।

भटगांव के मूर्तिकार ने संवारा महारानी मां का स्वरूप

नवरात्रि महोत्सव का दूसरा बड़ा आकर्षण मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा है। भटगांव के प्रसिद्ध मूर्तिकार ने चांपा की महारानी मां दुर्गा की प्रतिमा को अंतिम रूप दिया है। प्रतिमा में पारंपरिक मूर्तिकला की बारीकियों और आकर्षक स्वरूप को विशेष महत्व दिया गया है। भव्य पंडाल, सुसज्जित वातावरण और मां दुर्गा की मनोहारी प्रतिमा मिलकर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभूति का वातावरण तैयार कर रहे हैं। आयोजन में पारंपरिक कला के साथ आधुनिक साज-सज्जा का भी सुंदर समन्वय देखने को मिल रहा है। इससे धार्मिक आस्था के साथ कला और संस्कृति की छटा भी उभरकर सामने आ रही है।

शतचंडी महायज्ञ से हुआ शुभारंभ, भक्तिमय हुआ माहौल

सिवनी चौक में नवरात्रि महोत्सव की शुरुआत शतचंडी महायज्ञ के साथ हुई। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मां दुर्गा की आराधना और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। पूरे क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल बना हुआ है। आकर्षक सजावट और विशेष थीम पर आधारित पंडाल श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।

आस्था, कला और संस्कृति का अनूठा संगम

कोसा, कांसा और कंचन के लिए प्रसिद्ध चांपा की सांस्कृतिक पहचान में इस बार नवरात्रि महोत्सव एक नया रंग जोड़ रहा है। टेराकोटा हस्तशिल्प की थीम, पारंपरिक शिल्प सामग्री का उपयोग, भव्य प्रतिमा और धार्मिक अनुष्ठान इस आयोजन को विशिष्ट बना रहे हैं।

सिवनी चौक में विराजमान महारानी मां दुर्गा के दर्शन और अनूठे पंडाल की कलात्मक सजावट नवरात्रि की रौनक को खास बना रही है। यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि पारंपरिक हस्तशिल्प, भारतीय लोककला और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने का अवसर भी प्रदान कर रहा है।

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