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पेट्रोलयुक्त पानी पीने विवश जांजगीर के लोग, जमीन से निकल रहा पानी में पेट्रोल, हजारों घरों में पेयजल संकट…

0 जगनी पेट्रोल पंप संचालक की गलती और लापरवाही से दूषित हुआ ग्राउंड वाटर


0 शिकायत पर कार्यवाही नहीं कर रहे जिम्मेदार अधिकारी, लोगों में भड़कने लगा आक्रोश


जांजगीर-चांपा।
 जिला मुख्यालय जांजगीर के लिंक रोड में संचालित जगनी पेट्रोल पंप के संचालक की गलती और लापरवाही से कई वार्डों का ग्राउंड वाटर दूषित हो गया है। हालात ये हैं कि पिछले सात-आठ माह से हजारों लोगों के घरों पर बोरवेल और हैंडपंप से पेट्रोल-डीजल की दुर्गंध वाला पानी आ रहा है। यह पानी न पीने लायक और न ही घर में उपयोग करने लायक। ऐसे में लोगों को मजबूरी में पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि जिला मुख्यालय जांजगीर के लिंक रोड में बसाहट क्षेत्र में जगनी पेट्रोल पंप संचालित है। शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस पेट्रोल पंप के संचालक को नियम-कायदों को ताक पर रखकर पेट्रोल पंप संचालित करने की अनुमति दे दी गई है, जिसका खामियाजा आसपास के कई वार्डों के निवासियों को भुगतना पड़ रहा है। जगनी पेट्रोल पंप की टंकी में तकनीकी खामियां हैं, जिसके कारण पेट्रोलियम पदार्थ भू-गर्भ में मिलकर भूमिगत जल को दूषित कर रहा है। जगनी पेट्रोल पंप के आसपास के निवासियों ने बताया कि पिछले सात-आठ माह से हजारों लोगों के घरों पर बोरवेल और हैंडपंप से पेट्रोल-डीजल की दुर्गंध वाला पानी आ रहा है, जो न पीने लायक और न ही घर में उपयोग करने लायक है। उन्होंने बताया कि पूर्व में इस मामले की शिकायत जिला प्रशासन सहित इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के अधिकारियों से की गई थी, जिस पर कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों के साथ जगनी पेट्रोल पंप की जांच की। इस दौरान शिकायत सही मिलने पर व्यावसायिक गतिविधियों को सुधार कार्य किए जाने तक उक्त पेट्रोल पंप को बंद करने का निर्देश दिया गया था। पुराना चंदनियापारा एवं आसपास के निवासियों का आरोप है कि किसी तरह का कोई सुधार कार्य कराए बगैर जगनी पेट्रोल पंप के संचालक द्वारा पुनः व्यावसायिक गतिविधियां आरंभ कर दी गई है, जिसके कारण लोगों की समस्या अभी भी यथावत है। अभी भी लोगों के घरों पर बोरवेल और हैंडपंप से पेट्रोल-डीजल की दुर्गंध वाला पानी आ रहा है, जिसे पीकर लोग कई तरह की बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। जबकि, चंदनियापारा के निवासियों द्वारा इस मामले की शिकायत बार-बार जिला प्रशासन एवं इंडियन ऑयल कार्पोरेशन के जिम्मेदार अधिकारियों से की जा रही है, इसके बावजूद, जिम्मेदार अधिकारी इस मसले पर किसी प्रकार का कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश भड़कने लगा है, जो कभी भी फूट सकता है।

पेट्रोल पंप संचालक की मनमानी चरम पर

लिंक रोड के आसपास वार्डों में निवासरत लोगों ने बताया कि उनके द्वारा पूर्व में भी तीन नवंबर 2022 को जिला प्रशासन को आवेदन देकर इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की गई थी। छह फरवरी 2023 को तहसीलदार जांजगीर द्वारा पंचनामा तैयार किया गया था और फिर कुछ दिनों तक पेट्रोल पंप को बंद कर दिया गया था। पेट्रोल पंप के बंद होने से बोरवेल के पानी में पेट्रोल की गंध आनी बंद हो गई थी किन्तु, पंप संचालक द्वारा मनमाने ढंग से पेट्रोल पंप को पुनः चालू कर दिया गया है, जिससे समस्या फिर उत्पन्न हो गई है। लोगों का आरोप है कि पेट्रोल पंप संचालक से इस मसले पर बात करने पर उसके द्वारा समाधानकारक जवाब नहीं दिया जाता है, जिससे लोगों में आक्रोश पनपने लगा है।

दिखावे का कलेक्टर जनचौपाल, समस्या यथावत

जिला मुख्यालय जांजगीर के वार्ड क्रमांक सात, आठ एवं 16 के निवासियों ने बीते एक जुलाई को कलेक्टर जनचौपाल में भी इस मामले से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि नगर के वार्ड क्रमांक सात लिंक रोड में संचालित जगनी पेट्रोल पंप की पेट्रोल टंकी से विगत कई माह से पेट्रोल का लगातार रिसाव हो रहा है, जो जलस्त्रोत में पहुंच चुका है। वार्ड क्रमांक सात एवं आसपास के घरो में पेट्रोलयुक्त जल आ रहा है, जिससे वार्डवासियों को गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है एवं पेट्रोल रिसाव से आग लगने की संभावना है। वहीं बुजुर्ग एवं छोटे बच्चों के दूषित पानी पीने से उन्हें स्वास्थ्यगत परेशानियां होने लगी हैं। डॉक्टर द्वारा उक्त पानी पीने से मना किया जा रहा है। इसके बावजूद, जिला प्रशासन द्वारा इस मसले में कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे कलेक्टर जनचौपाल महज दिखावा साबित हो रहा है।