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चांपा की जनता को एकबार फिर हाथ लगी निराशा, मुख्यमंत्री पांच साल में आए भी तो बजाय कुछ देने, वोट मांगने ही आए!
 

जांजगीर-चांपा। कोसा, कांसा व कंचन की नगरी चांपा में आज पांच साल में पहली बार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चांपा आए भी तो जनता से मांगने आए। वहीं चांपावासियों को फिर से सरकार बनने पर उन्होंने महज कोकुन बैंक स्थापना कराने की बात कहकर संतुष्ट करने का प्रयास किया। जबकि चांपा की जनता को उनसे काफी उम्मीदें थी।

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जांजगीर चांपा सीट के कांग्रेस प्रत्याशी व्यास कश्यप के पक्ष में प्रचार करने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चांपा के भालेराय मैदान में आयोजित चुनावी सभा में शिरकत की। मंच पर कांग्रेस के कद्दावर नेता डॉ. चरणदास महंत भी मौजूद रहे। आपकों बता दें कि वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव के बाद जब कांग्रेस की सरकार बनीं। उसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चांपा के इर्द-गिर्द आए और सौगात देकर चले गए, जिसे लेकर चांपावासी तरह-तरह की चर्चा करते रहे। पांच सालों में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहली बार चांपा आए भी तो जनता से वोट मांगने आए, जबकि चांपावासियों को देने के लिए उनकी सरकार बनने के बाद सिर्फ कोकुन बैंक ही है। इस बात को लेकर शहर की जनता को एकबार फिर निराशा ही हाथ लगी। जबकि इसके पहले पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष राजेश अग्रवाल और खुद कांग्रेस प्रत्याशी व्यास कश्यप ने चांपावासियों के लिए कई सौगातों की मांग रखी। उन्होंने चांपा के बंद हसदेव महोत्सव को शासकीयकरण करने, हसदेव कारीडोर को मंजूर करने, गर्ल्स कॉलेज की स्थापना, जांजगीर और चांपा के बीच डिवायरयुक्त सड़क सहित कई मांग रखी। लेकिन जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का संबोधन शुरू हुआ तो उन्होंने चांपा में महज कोकुन बैंक स्थापना कराने की ही बात कही, जिससे एकबार फिर चांपा की जनता को निराशा ही हाथ लगी।

स्वागत को लेकर कार्यकर्ताओं में असंतुष्टि
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने व्यस्तम कार्यक्रमों में समय निकालकर चांपा पहुंचे थे। यहां भी उन्होंने ज्यादा समय नहीं दिया, जिसे देखते हुए स्वागत कार्यक्रम को संक्षिप्त कर दिया गया। अन्य संक्षिप्त स्वागत के साथ ही मंच से जय हिंद क्लब के सदस्यों को सामूहिक रूप से स्वागत कराया गया, जिसे लेकर कुछ कार्यकर्ताओं में अंसंतुष्टि है। उनका कहना है कि यह कार्यक्रम ब्लाक व नगर कांग्रेस का है। फिर जय हिन्द क्लब की उपस्थिति कुछ कार्यकर्ताओं के समझ से बाहर है। इस बात को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चा हो रही है।