छत्तीसगढ़सक्ती

नगरदा रासेयो इकाई द्वारा 21वी सदी में सूचना प्रौद्योगिकी और मोबाइल प्रयोग पर की गई विशेष शिविर में बौद्धिक परिचर्चा

मालखरौदा। शहीद नन्दकुमार पटेल विश्वविद्यालय रायगढ़ से संम्बद्धता अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय महाविद्यालय नगरदा का राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत सात दिवसीय विशेष शिविर का पंचम दिवस का बौद्धिक परिचर्चा में दिनांक 10 फरवरी को शा. प्रा. शाला मोहगांव में आयोजित हुआ।

राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है जिसमें आज बौद्धिक परिचर्चा का विषय सूचना प्रौद्योगिकी का 21 वी सदी में उपयोग एवं दुरूपयोग , मोबाईल का प्रयोग शिक्षा हेतु एवं दुष्परिणाम, डिजिटल इंडिया जिसमें आज के हमारे मुख्य अतिथि प्रो. आशीष दुबे सहा. प्राध्या. अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय महाविद्यालय नगरदा जिला सक्ती के द्वारा जानकारी प्रदान करते हुए यह बताया कि डिजिटल इंडिया एवं मोबाइल दुष्परिणाम यह बताया कि मोबाइल फोन से निकलने वाले इलेक्ट्रोमेगनेटिक विकिरणों से डीएनए क्षतिग्रस्त हो सकता है। इसके अलावा मोबाइल का अधि‍क इस्तेमाल आपको मानसिक रोगी, कैंसर, ब्रेन ट्यूमर, डायबिटिज, ह्रदय रोग आदि कई बड़ी बीमारियां भी दे सकता है। आजकल अधिकतर लोग मोबाइल फोन में अपनी गोपनीय जानकारियां सेव करके रखते है, जो कि गलत है। एन. एस.एस. की स्थापना के बारे में जानकारी देते हुए स्वामी विवेकानंद के जीवन चरित्र छात्रों को अपनाने को कहा साथ ही आए हुए अतिथि व्याख्याता प्रो. हेमंत चंद्राकर के द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी के बारे में एवं जन – मन कर्णयान के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान किए गए तथा साथी अतिथि व्याख्याता दिप्ति राठौर के द्वारा मोबाईल के उपयोगीता को समझाया साथ अतिथि व्याख्याता प्रो. अमन गढ़ेवाल ने मोबाइल का स्वयं पर नियंत्रण कैसे रखें इन्हि जानकारी के साथ कार्यक्रम के अन्तिम क्षणों में रासेयो के सक्रिय ‌अधिकारी सहा. प्रो. मुन्ना लाल सिदार ने सभी स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए आज के 21 वी सदी में स्वयंसेवक/सेविकाएं को मोबाइल का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा शिक्षा हेतु करने प्रोत्साहित किया फिर अतिथियों का आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम समापन की घोषणा किये।।