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लीज की आड़ में हनुमान देव मंदिर डोंगाघाट चांपा की बेशकीमती भूमि को बेचने की कलेक्टर से शिकायत, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग

जांजगीर-चांपा। चांपा शहर में महंत नरोत्तमदास के निधन पश्चात हनुमान देव मंदिर डोंगाघाट चांपा की बेशकीमती भूमि को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब लीज की आड़ में बेशकीमती भूमि को बेचने का गंभीर आरोप लगा है। मामले की शिकायत कलेक्टर से करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

चांपा निवासी मनोज अग्रवाल ने कलेक्टर से की अपनी शिकायत में कहा है कि उनके पिता जगदीश प्रसाद अग्रवाल ने बीते 14 जनवरी 1971 को खसरा नंबर 548/3, 560/17, 565/2 कुल रकबा 3.10 एकड़ भूमि हनुमान देव मंदिर डोंगाघाट चांपा को नियम अनुसार दान दिया था। उस समय मंदिर के सर्वराकार महंत शंकर दास थे, लेकिन कलांतर में उक्त मंदिर के सर्वराकार महंत शंकरदास की मृत्यु पश्चात भूमि के खाता, बी 1 खसरा में शंकर दास की फौती दर्ज करते समय हनुमान देव मंदिर डोंगाघाट चांपा के पहले महंत नरोत्तमदास गुरू शंकरदास का नाम दर्ज कराकर सर्वराकार को विलोपित किया गया। साथ ही अपना पता हनुमान मंदिर डोंगाघाट करा लिया गया, जो गलत है। क्योंकि उक्त भूमि का स्वामी हनुमान देव मंदिर डोंगाघाट चांपा है, न कि महंत नरोत्तम दास है।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मंदिर की बेशकीमती भूमि को लंबे समय के लीज की आड़़ में बेचने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए उक्त इंद्राज को दुरूस्त कराना आवश्यक है। उसकी शिकायत है कि मंदिर में कोई दान या योगदान नहीं होने के बावजूद कुछ लोग ट्रस्ट बनाकर चांपा में करीब सौ लोगों को किराया व लंबे समय के लीज की आड़ में बेच दी गई है, जबकि उसके पिता भूमि के दानदाता होने और अपने पिता का इकलौता संतान होने के बावजूद उसे ट्रस्टी नहीं बनाया गया है। उसका आरोप है कि ट्रस्ट को प्राप्त भारी आय का भी कोई विधि सम्मत हिसाब नहीं रखा गया है और न ही उक्त ट्रस्ट की कोई जानकारी पंजीयक के पास नहीं है। कलेक्टर से की शिकायत में उसने कहा है कि नियमानुसार कोई ट्रस्टी ट्रस्ट की संपत्ति को लीज या अन्य प्रकार से व्यय अथवा कब्जा नहीं कर सकता। इसके बाद भी ट्रस्ट की बेशकीमती भूमि में पेट्रोल पंप जैसे व्यवसायिक परिसर बनाकर लंबे समय के लीज की आड़ में खुद को किराएदार बताकर कब्जा जमाया गया है। उन्होंने कलेक्टर से पूरे मामले की जांच कराते हुए पब्लिक ट्रस्ट की संपत्ति को सुरक्षित रखने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।    

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