छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

किसान स्कूल में नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित, 43 लोगों का चिकित्सकों ने किया परीक्षण, विश्व ग्लाकोमा सप्ताह कार्यक्रम का आयोजन

जांजगीर-चांपा। बेहतर जीवन के लिये आंख की देखभाल करना बहुत ही जरूरी होता है। वैसे सामान्यतः 40 साल की उम्र में आँख में कई तरह की परेशानी हो सकती है, जिसमें ग्लाकोमा भी शामिल है। ये बातें नेत्र विशेषज्ञ डॉ. निकिता खेस ने कही। वे बहेराडीह के किसान स्कूल में कलेक्टर आकाश छिकारा व सीएमएचओ डॉ वंदना सिसोदिया के मार्गदर्शन पर जिला स्वास्थ्य समिति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा आयोजित नेत्र परीक्षण शिविर कार्यक्रम में बोल रहीं थी।

उन्होंने लोगों को 12 मार्च से 18 मार्च तक जिले में चलाई जा रही विश्व ग्लाकोमा सप्ताह कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुये ग्लकोमा के लक्षण के संबंध में बताया कि नजर कमजोर होना या धुंधला दिखाई देना, आँखों और सिर में तेज दर्द होना, आँख लाल होना, रोशनी के चारों ओर रंगीन छल्ले दिखना, जी मिचलना, उल्टी होना आदि शामिल हैं। वहीं ग्लाकोमा होने का मुख्य कारण बुढापा, मायोपिया, आँख की सर्जरी, पारिवारिक इतिहास ग्लूकोमा का तथा एकाधिक चिकित्सा स्थितिया आदि है। शिविर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बलौदा के नेत्र सहायक अधिकारी डॉ बीएन यादव ने बताया कि ग्लूकोमा का उपचार लक्षण के प्रबंधन दर्द को खत्म करने और रोग की प्रगति को रोकने और पूर्ण इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। नेत्र सहायक अधिकारी डॉ एसके चंदन ने बताया कि हमारे जीवन के बेहतर गुणवत्ता के लिए ग्लूकोमा का शीघ्र पता लगाना और समय पर उपचार करना बहुत ही आवश्यक होता है। शिविर में जिला चिकित्सालय के नेत्र विशेषज्ञ डॉ निकिता खेस समेत डॉ पीपी राठौर, एएनएम केके थवाईत, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बलौदा के नेत्र सहायक अधिकारी डॉ बीएन यादव, सारागांव बम्हनीडीह के नेत्र सहायक अधिकारी डॉ एसके चंदन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जर्वे ब के नेत्र सहायक अधिकारी डॉ एलपी कंवर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पंतोरा के नेत्र सहायक अधिकारी पी भारद्वाज, बहेराडीह के डॉट्स कार्यकर्ता डॉ रामदयाल यादव, देवरी सारागांव से डॉ कैलाश बरेठ, अमरुआ से डॉ लोमस यादव, किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव, पूर्व सरपंच मूरित राम यादव, पूर्व उपसरपंच जितेन्द्र कुमार यादव, कोसमन्दा के कृषक मित्र राजेश कुमार यादव, नारी सक्ति महिला ग्राम संगठन के सचिव पुष्पा यादव, सक्रिय महिला ललिता यादव, तथा सिवनी, कोसमन्दा, जाटा,आदि गांव के ग्रामीण प्रमुख रूप से उपस्थित थे। शिविर में नेत्र जाँच परीक्षण उपरांत आई ड्रॉप वितरण किया गया। वहीं शिविर में 43 लोगों के नेत्र का सफलतापूर्वक जांच परीक्षण किया गया। जिसमें राजाराम यादव, उर्मिला यादव, लक्ष्मीन यादव, फत्तेलाल कारके, भीषम, नेतराम यादव, सुजीत कश्यप, राधा बाई गोड़, ग्वालिन, सुशीला, श्यामा बाई, छत राम, दुखनी बाई, दयामती,मोंगरा, घसनिन बाई, दिनेश कुमार, छोटी, दुलार, सुनील कुमार, जोतराम यादव, निर्मला, जया गोड़, रामबाई यादव, कैलाश बरेठ, रामदयाल यादव, रामकृष्ण, ललिता, सुजीत कश्यप, विमला, मथुरा, रामायण कंवर, संतोष कुमार यादव, अनिता यादव, रामकली यादव, लोमस यादव आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।

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