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चुनावी सरगर्मी के बीच देश की फिजां में तेजी से घुल रहा कर्ज मुक्ति का अहम मुद्दा, आम लोगों को कर्ज से मुक्ति दिलाने सुप्रीम कोर्ट में लगाया गया पीआईएल

हरि अग्रवाल@चुनावी सरगर्मी के बीच देश की फिजां में एक अहम मुद्दा तेजी से घुलने लगा है। सरकार जहां कार्पोरेटरों का अरखों खरबों रुपए माफ कर देती है तो वहीं कई सफेदपोश करोड़ों अरबों रुपए डकार कर चंपत हो जाते हैं। फिर भी सरकार का रवैया इनके प्रति सकारात्मक ही रहता है। कुछ इसी तर्ज पर दिल्ली की सीए सुरभि श्रीवास्तव आम लोगों को कर्ज से मुक्ति दिलाने के लिए देश भर में जोर शोर से अभियान चला रही हैं। सीए सुरभि का यह अभियान न केवल देश भर में तेजी से चल रहा है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट में एक पीआईएल भी लगाया गया है। इतना ही नहीं, विभिन्न बैंक और कई फाइनेंस कंपनी तथा साहूकारों की गिरफ्त में फंसे आम लोगों को उम्मीदवार बनाकर लोकसभा चुनाव भी लड़ाया जा रहा है। अब तक 100 से अधिक सीटों पर प्रत्याशी फाइनल भी हो गए हैं।

देश का हर तीसरा या चौथा शख्स साहूकारों या फिर किसी फाइनेंस कंपनी या बैंक का कर्जदार है। देश में इनकी गिनती आम लोगों में होती है, जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। आम आदमी का एक ईएमआई बाउंस क्या हो गया, साहूकार, बैंक या फाइनेंस कंपनी वसूली के लिए सख्त से सख्त रवैया अपनाने कोई कसर नहीं छोड़ते। यहां तक धमकी और मारपीट तक की स्थिति निर्मित हो जाती है। कई बार कर्ज और इनकी सख्ती से आम आदमी मौत को गले लगा लेता है। फिर भी आम आदमी उफ तक नहीं करता और खुद को कर्जदार मानते हुए कहीं से भी कर्ज अदायगी के लिए जद्दोजहद करते रहता है। इस देश में एक वर्ग ऐसा भी है, जिसे कार्पोरेट के नाम से जाना जाता है। ये बैंक या फाइनेंस कंपनी से करोड़ों अरबों रुपए का कर्जा लेते हैं। कई बार ऐसे लोग खुद को दिवालिया घोषित कर देते हैं या फिर देश छोड़कर विदेश भाग जाते हैं। आखिरकार सरकार को इनके प्रति सकारात्मक रवैया अपनाना ही पड़ता है। देश में ऐसे कई लोगों का उदाहरण सबके सामने है। दिल्ली की एक महिला सीए सुरभि श्रीवास्तव ने कर्जदार आम लोगों के हित में बड़ा मुद्दा छेड़ दिया है। सीए का मानना है यदि सरकार देश का करोड़ों अरबों दबाने वालों को अभयदान दे सकती है तो फिर आम आदमी की कर्ज माफी क्यों नहीं हो सकती।

दिल्ली की सीए सुरभि श्रीवास्तव

इसी सूत्र वाक्य को आधार बनाकर सीए सुरभि श्रीवास्तव देश भर में कर्ज मुक्ति के लिए अभियान चला रही है। अब तक इनके इस महत्वपूर्ण और देश के अहम मुद्दे से हजारों लोग जुड़ चुके हैं। विभिन्न राज्यों के कई शहरों में सभा का आयोजन कर कर्ज से दबे आम लोगों को संदेश दे रहे हैं कि वो कर्ज से परेशान होकर कोई गलत कदम न उठाएं। सीए सुरभि श्रीवास्तव सहित उनकी पूरी टीम ईएमआई मिस हो रही है या फिर समय पर रुपए लौटा नहीं पा रहे लोगों को हिम्मत दे रही है। इतना ही नहीं, ऐसी स्थिति में साहूकार, बैंक और फाइनेंस कंपनी से निपटने के कई कानूनी तरीकों की भी विस्तार से जानकारी दी जा रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों तक पहुंच रही है। अभी देश के आम लोगों को कर्ज के मकड़ जाल से निकालने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल लगाया गया है। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव में कर्ज के बोझ तले लोगों को प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा जा रहा है। अब तक 100 से अधिक सीटों पर प्रत्याशी फाइनल हो गए हैं, जबकि अन्य 200 सीटों पर प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया चल रही है। देश के विभिन्न राज्यों में प्रभारी भी बनाए गए हैं, जिनका मोबाइल नंबर भी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित किया गया है। सीए सुरभि श्रीवास्तव को विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट आम लोगों को कर्ज से मुक्ति दिलाने की दिशा में सार्थक कदम उठाएगी। कोर्ट में कई दलील तैयार किया गया है, जिसके पेश होते ही आम लोगों को न्याय अवश्य मिलेगा।     

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