छत्तीसगढ़

राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में चांपा के खिलाड़ियों का जलवा, 18 प्रतिभाओं ने जीतकर बढ़ाया नगर और प्रदेश का मान

चांपा। छत्तीसगढ़ के चांपा नगर के उभरते कराटे खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए नगर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में आयोजित नेशनल कराटे चैंपियनशिप में कराटे एसोसिएशन चांपा के 18 खिलाड़ियों ने विभिन्न आयु एवं भार वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड, सिल्वर एवं ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से नगर में खुशी का माहौल है और खेल प्रेमियों में उत्साह की लहर दौड़ गई है।

प्रतियोगिता में चांपा के खिलाड़ियों ने अपने दमदार प्रदर्शन से निर्णायकों और दर्शकों को प्रभावित किया। गीत वर्मन, प्राची वर्मन, ऋद्धि, कृतिका, युक्ति, चेतना, रश्मि, अदिति, वैदिका, शोभन, हिमांशी, अमृति सहित बालक वर्ग के भावेश यादव, प्रिंस दिव्यांश, अंशु विश्वकर्मा, मानस बिंदु, शिवांश, प्रिंस देवेंद्र यादव, आमन और मयंक ने विभिन्न स्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम एवं द्वितीय स्थान हासिल किए। खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल के दम पर कई गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर चांपा और छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय मंच पर रोशन किया।

इस उपलब्धि के पीछे खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास और प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन रहा। कराटे एसोसिएशन चांपा के पदाधिकारियों ने बताया कि बच्चों ने कई महीनों तक कठिन प्रशिक्षण लेकर प्रतियोगिता की तैयारी की थी। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

खिलाड़ियों की सफलता पर कराटे एसोसिएशन चांपा के अशोक निषाद, गुरु अनिल राठौर, विशाल केड़िया, कार्तिक राठौर, सुनील वर्माकर, नागेश सहित अन्य पदाधिकारियों एवं प्रशिक्षकों ने विजेता खिलाड़ियों का स्वागत कर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन बच्चों की सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी और अधिक से अधिक युवा खेलों की ओर आकर्षित होंगे।

नगर के खेल प्रेमियों, अभिभावकों एवं सामाजिक संगठनों ने भी विजेता खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सभी ने विश्वास जताया कि यदि इसी तरह खिलाड़ियों को प्रोत्साहन और बेहतर सुविधाएं मिलती रहीं, तो आने वाले वर्षों में चांपा के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का तिरंगा बुलंद करेंगे। खिलाड़ियों की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया कि छोटे शहरों की प्रतिभाएं भी बड़े मंच पर अपनी चमक बिखेरने का माद्दा रखती हैं।

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