छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

जिला जेल जांजगीर का बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने किया निरीक्षण

प्रधान जिला न्यायाधीश, कलेक्टर और एसपी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे मौजूद, बंदियों को मिल रही सुविधाओं और भोजन की गुणवत्ता की ली जानकारी

जांजगीर-चांपा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने शनिवार को जिला जेल जांजगीर का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जेल की व्यवस्थाओं, बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, विधिक सहायता और स्वास्थ्य सेवाओं सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की बारीकी से जानकारी ली गई।

निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सह-अध्यक्ष जयदीप गर्ग, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोज कुमार कुशवाहा, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अनिता श्रीवास्तव, उप संचालक कृषि आर.के. शर्मा, जिला रोजगार अधिकारी एम.आर. जायसवाल, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक जेवियर टोप्पो सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जिला जेल अधीक्षक डी.डी. टोडर ने जेल की व्यवस्थाओं के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक जानकारी दी।

विधिक सहायता से लेकर मुलाकाती व्यवस्था तक की जांच

बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने जेल में संचालित लीगल एड क्लिनिक का निरीक्षण करते हुए बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी ली। बंदियों के परिजनों के लिए बनाए गए मुलाकाती हेल्प डेस्क, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष और मुलाकात कक्ष की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया।

इसके अलावा जेल भवन, बैरकों के निर्माण एवं रखरखाव, बंदियों के रहने की व्यवस्था, टॉयलेट और पेयजल सुविधा की स्थिति की जांच की गई। अधिकारियों ने यह भी जानकारी ली कि बंदियों को दैनिक उपयोग के लिए आवश्यक सुविधाएं किस प्रकार उपलब्ध कराई जा रही हैं।

भोजन की गुणवत्ता भी जांची

निरीक्षण के दौरान बंदियों को उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने भोजन की व्यवस्था का जायजा लेते हुए उसकी गुणवत्ता और स्वच्छता से संबंधित जानकारी ली। साथ ही बंदियों के कपड़ों की स्थिति और प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था का भी निरीक्षण किया गया।

शिकायतों और जाति भेदभाव से संबंधित जानकारी ली

बोर्ड ने जेल में रखी गई शिकायत पेटी, विभिन्न रजिस्टरों एवं अभिलेखों का भी अवलोकन किया। बंदियों के लंबित प्रकरणों में आने वाली समस्याओं, विधिक सहायता की आवश्यकता तथा अन्य शिकायतों के संबंध में जानकारी ली गई। इसके साथ ही जेल परिसर एवं संबंधित अभिलेखों में जाति भेदभाव से जुड़ी किसी स्थिति या शिकायत के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की गई।

इस दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता लिलेश्वर प्रसाद रत्नाकर एवं पैरालीगल वालेंटियर जयराम गढ़ेवाल सहित जेल प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

निरीक्षण का उद्देश्य जेल में बंदियों को उनके अधिकारों के अनुरूप विधिक सहायता, स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होने की स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लेना तथा व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार के बिंदुओं की पहचान करना रहा।

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