छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

नशा मुक्त समाज का निर्माण विद्यार्थियों और युवाओं की जिम्मेदारी: वीरेंद्र तिवारी

जांजगीर चांपा। चैतन्य विज्ञान एवं कला महाविद्यालय (स्वशासी),पामगढ़, जिला जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़) में नशा मुक्त अभियान के अंतर्गत “मेरा स्वास्थ्य, मेरा गौरव” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत सरकार,युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा क्षेत्रीय निदेशालय मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ भोपाल के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों,युवाओं एवं सभी को नशे से दूर रहने,स्वास्थ्य के प्रति जागरूक एवं उत्तम जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ.रश्मि डाहिरे (बी.एम.ओ. पामगढ़),विशिष्ट अतिथि के रूप में महाविद्यालय के संचालक महोदय श्री वीरेंद्र तिवारी, रक्तचाप विशेषज्ञ श्री भोजराम देवदास एवं चैतन्य शिक्षा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.अमित चंद्रा उपस्थित रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता चैतन्य विज्ञान एवं कला महाविद्यालय (ऑटोनॉमस) पामगढ़ के प्राचार्य डॉ.व्ही.के.गुप्ता ने किया।

कार्यक्रम के दौरान छात्र छात्राओं का वजन,ब्लड प्रेशर,ब्लड ग्रुप टेस्ट आदि सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिसमें कुल 154 विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।इस अवसर पर डॉ.रश्मि डाहिरे ने स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन व्यक्ति की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।डॉ. व्ही.के. गुप्ता ने नशे के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि नशे की आदत व्यक्ति के साथ-साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करती है। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ आदतों को अपनाने का आह्वान किया।

वीरेंद्र तिवारी ने कहा कि विद्यार्थियों और युवाओं में जागरूकता फैलाकर नशामुक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा, खेल, रचनात्मक गतिविधियों एवं सकारात्मक सोच के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।डॉ.अमित चंद्रा ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशे से दूर रहकर और पोषित आहार सेवन से व्यक्ति अपने जीवनशैली को व्यवस्थित कर एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकता है।श्री देवदास सर ने इस शिविर की सराहना करते हुए कहा कि आज हम सभी को संकल्प लेना चाहिए कि नशे से दूर रहें और विकसित भारत के सपने को साकार करें।

राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी श्री संजय बघेल ने नशामुक्ति अभियान की आवश्यकता पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नशे से बचाव के लिए जागरूकता के साथ-साथ युवाओं की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने की अपील की।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं उपस्थित प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य एवं नशामुक्त जीवन के महत्व को समझा तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। साथ ही स्वयं नशे से दूर रहने,स्वस्थ रहने और अन्य लोगों को भी इससे दूर रखने के लिए संकल्प लिया गया।

राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम के आयोजन एवं स्वास्थ्य परीक्षण में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से राजेश धीवर सर,यामिनी लहरे मैडम,धनेश्वर सूर्यवंशी सर, सरोजमणि बंजारे सर,प्रताप बनर्जी सर,शीतल कश्यप मैडम,निधि देवदास मैडम,कंचन खूंटे मैडम और राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयं सेवकों की भूमिका रही। आज के कार्यक्रम महाविद्यालय समस्त स्टाफ और अन्य छात्र – छात्राएं उपस्थित थे।

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