छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

पितृ पक्ष में चारधाम यात्रा पर रवाना हुए क्षेत्र के श्रद्धालु

0 5 अक्टूबर नवमी को बद्रीनाथ धाम के ब्रह्मकपाल में करेंगे पितृदोष निवारण तर्पण, हसदेव यात्रा की सेवाभावना से श्रद्धालुओं में उत्साह

चांपा। पितृ पक्ष के पावन अवसर पर क्षेत्र के श्रद्धालुओं का एक जत्था आस्था और श्रद्धा के साथ चारधाम यात्रा के लिए रवाना हुआ। पितरों के प्रति श्रद्धा, सनातन परंपरा के निर्वहन और धार्मिक अनुष्ठानों के उद्देश्य से श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम सहित चारधाम के दर्शन करेंगे। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और धार्मिक उमंग देखने को मिल रही है।

ब्रह्मकपाल में पितरों के लिए करेंगे तर्पण और पिंडदान

यात्रा के दौरान 5 अक्टूबर, नवमी तिथि को श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम स्थित ब्रह्मकपाल तीर्थ में अपने पितरों की स्मृति में विधि-विधान से तर्पण, पिंडदान एवं पितृदोष निवारण संबंधी धार्मिक अनुष्ठान करेंगे। मान्यता है कि ब्रह्मकपाल तीर्थ पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण के लिए अत्यंत पवित्र स्थल है। पितृ पक्ष के दौरान देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंचकर अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित करते हैं।

चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालु बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन कर देश-प्रदेश एवं अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में आस्था के साथ-साथ अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का भाव भी देखने को मिल रहा है।

हसदेव यात्रा की सेवाभावना से श्रद्धालुओं में उत्साह

यात्रा के आयोजक हसदेव यात्रा चांपा की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। यात्रियों के आवागमन, ठहरने, भोजन, दर्शन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा रहा है। हसदेव यात्रा की पूरी टीम सेवाभाव के साथ यात्रा को सुचारू बनाने में जुटी हुई है।

यात्रा में शामिल श्रद्धालु उमेश सोनी, उषा सोनी, मण्डावी द्विवेदी, तीजराम थवाईत एवं प्रदीप थवाईत के परिवारों ने कहा कि पितृ पक्ष के दौरान चारधाम की यात्रा और बद्रीनाथ धाम के ब्रह्मकपाल में पितरों का तर्पण करने का अवसर उनके लिए अत्यंत भावनात्मक एवं पुण्यदायी है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा उनके लिए धार्मिक आस्था के साथ अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का भी विशेष अवसर है।

जय बद्री विशाल और हर-हर महादेव के जयघोष से भक्तिमय हुआ माहौल

श्रद्धालुओं के रवाना होने के अवसर पर “जय बद्री विशाल”, “हर हर महादेव” और “जय मां गंगे” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। परिजनों और शुभचिंतकों ने यात्रियों को मंगलमय एवं सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

हसदेव यात्रा की ओर से कहा गया कि धार्मिक यात्राओं का उद्देश्य केवल तीर्थ दर्शन करना नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, संस्कार और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करना भी है। इसी सेवाभाव के कारण श्रद्धालुओं में धार्मिक यात्राओं को लेकर लगातार उत्साह बना हुआ है।


16 अक्टूबर से नौ ज्योतिर्लिंग और दक्षिण भारत यात्रा

नौ ज्योतिर्लिंग की सभी सीटें फुल, दक्षिण भारत यात्रा के लिए कुछ सीटें शेष

आगामी 16 अक्टूबर को दशहरा अवकाश के अवसर पर बस के माध्यम से नौ ज्योतिर्लिंग एवं दक्षिण भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा के लिए श्रद्धालुओं का एक और जत्था रवाना होगा। इस धार्मिक यात्रा को लेकर क्षेत्र के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।

आयोजकों के अनुसार नौ ज्योतिर्लिंग यात्रा की सभी सीटें पहले ही बुक होकर फुल हो चुकी हैं, जबकि दक्षिण भारत यात्रा के लिए अभी कुछ सीमित सीटें ही शेष हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को दक्षिण भारत के प्रमुख धार्मिक एवं दर्शनीय स्थलों के साथ भगवान शिव के पवित्र ज्योतिर्लिंगों के दर्शन और पूजा-अर्चना का अवसर मिलेगा।

यात्रियों की सुविधा का रखा जाएगा विशेष ध्यान

हसदेव यात्रा द्वारा यात्रियों के आवागमन, ठहरने, भोजन एवं धार्मिक स्थलों के दर्शन सहित आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार पिछले धार्मिक यात्रा कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं को मिली सुविधाओं और सेवाभावपूर्ण व्यवस्था के कारण इस बार भी यात्रियों में जबरदस्त उत्साह है। क्षेत्र के अनेक परिवार इस धार्मिक यात्रा से जुड़ रहे हैं।

हसदेव यात्रा समिति ने दक्षिण भारत यात्रा में शामिल होने के इच्छुक श्रद्धालुओं से शेष सीटों के लिए शीघ्र संपर्क कर अपना स्थान सुरक्षित कराने की अपील की है, ताकि यात्रा से जुड़ी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जा सकें।

 

Leave a Reply