खाद्य सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, पर्यावरणीय सुरक्षा नवोन्मेष से ही संभव है: प्रोफेसर के. के. चंद्रा

चैतन्य विज्ञान एवं कला महाविद्यालय में विश्व अंतर्राष्ट्रीय उद्यमिता दिवस पर विशेष परिचर्चा का हुआ आयोजन
जांजगीर चांपा। चैतन्य विज्ञान एवं कला महाविद्यालय, पामगढ़ में गुरुवार को संस्थान के संस्थागत नवोन्मेष परिषद(आईआईसी) द्वारा एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। परिचर्चा का विषय “कृषि आधारित उद्यमिता और स्टार्टअप्स में नवीन प्रवृत्तियाँ” निर्धारित किया गया था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिल्ली के वानिकी, वन्यजीव एवं पर्यावरण विज्ञान विभाग के प्राध्यापक डॉ. के.के. चन्द्रा उपस्थित रहे। उन्होंने पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से कृषि क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, स्टार्टअप्स की संभावनाओं तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उद्यमिता की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि नवोन्मेषी विचारों से आय अर्जन के विकसित हो सकते हैं। उन्होंने उद्यम और स्टार्ट अप में अंतर स्पष्ट करते हुए कहा खाद्य सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा, पर्यावरणीय सुरक्षा नवोन्मेष से ही संभव है। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से देश के अलग अलग हिस्सों में चल रही नवोन्मेष आधारित गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वी.के. गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारे विद्यार्थी केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि रोजगार सृजन करने वाले बनें।उद्यमिता का विकास ही आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपनी सृजनात्मकता कल्पनाशीलता एवं दृढ़ संकल्प से अपना रोजगार उत्पन्न कर सकता है। उद्यमिता न केवल जीविकोपार्जन का साधन उपलब्ध कराती है अपितु अच्छे समाज एवं विश्व के निर्माण में सहायक होती है। संस्था के संचालक वीरेंद्र तिवारी ने विद्यार्थियों को आईआईसी जुड़ कर नवोन्मेषी गतिविधियों में अधिकाधिक भाग लेने हेतु प्रोत्साहित किया। आईक्यूएसी समन्वयक विवेक जोगलेकर ने भी अपने संबोधन में विद्यार्थियों को नवाचार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन रसायन शास्त्र विभाग के सहायक प्राध्यापक एवं आईआईसी सदस्य ऋषभ देव पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम के अंत में आईआईसी समन्वयक डॉ. नरेंद्रनाथ गुरिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर आईआईसी के सभी सदस्यगण तथा महाविद्यालय के अनेक छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।