हाई स्कूल बेलादुला में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, छात्र-छात्राओं को बताए गए मौलिक अधिकार और ‘गुड टच-बैड टच’ के बारे में दी गई जानकारी

जांजगीर चांपा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर-चांपा के तत्वावधान में शासकीय हाई स्कूल बेलादुला में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्र-छात्राओं को उनके मौलिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता तथा ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का आयोजन माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश एवं सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जांजगीर-चांपा के निर्देश तथा माननीय अध्यक्ष तालुका विधिक सेवा समिति जैजैपुर के मार्गदर्शन में किया गया।
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्र लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल ने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के उद्देश्य, निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की पात्रता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल की भूमिका तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को लैंगिक अपराधों से संरक्षण (पॉक्सो अधिनियम), भारतीय संविधान में प्रदत्त मौलिक अधिकार, माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण अधिनियम 2007, मोटर यान अधिनियम, साइबर अपराध, बाल विवाह, प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर), संज्ञेय एवं असंज्ञेय अपराध तथा शिक्षा के अधिकार जैसे विषयों पर भी विस्तार से जागरूक किया।
इस दौरान छात्र-छात्राओं को ‘गुड टच’ और ‘बैड टच’ के बारे में सरल भाषा में समझाते हुए किसी भी प्रकार की अनुचित घटना होने पर तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने की सलाह दी गई। साथ ही युवाओं से अपराधों से दूर रहकर शिक्षा और अपने उज्ज्वल भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया गया। शिविर में नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में शासकीय हाई स्कूल बेलादुला की प्राचार्य भागीरथी चन्द्रा ने छात्र-छात्राओं को विधिक अधिकारों की जानकारी रखने, कानून का पालन करने, अपराधों से दूर रहने तथा मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। अंत में उन्होंने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विद्यालय का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विधिक साक्षरता शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना तथा उन्हें सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
