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गरीबों के लिए वरदान बन गई मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य सुविधाएं, फ्री में दी जा रही दवाइयां

जांजगीर चांपा। गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति चाहता है कि जब वह बीमार पड़े तो उसे अपने इलाज के लिए भटकना न पड़े। छोटी-छोटी बीमारी के लिए अपना रोजी रोजगार बंद कर डाक्टरों से अपॉइंटमेंट लेकर और लाईन में लगकर इलाज कराने से हर कोई बचना चाहता है। लोगों की इन्ही परेशानियों और जरूरतों को ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ में शुरू की गई मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना अब इन्हीं उद्देश्यों और लक्ष्यों को न सिर्फ पूरा कर रही है, बल्कि अपने मुहल्ले में ही घर के पास कैंप लगने से जरूरतमंद लोगों को इलाज में बहुत सहूलियत हुई है। स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के साथ गरीबों का शीघ्र इलाज कर उन्हें स्वस्थ बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम का परिणाम है कि मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना ने गरीब परिवारों का दिल जीत लिया है।

गौरतलब है कि राज्य के 14 नगर निगम क्षेत्रों की स्लम बस्तियों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के प्रथम चरण की शुरूआत 01 नवम्बर 2020 को हुई थी। इसके तहत 60 मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा स्लम बस्तियों में जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार एवं दवा वितरण की शुरूआत की गई थी। 31 मार्च 2022 को इसका विस्तार पूरे राज्य के नगरीय निकाय क्षेत्रों में किया गया। जिसका लोगों से अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इसी तरह चांपा व सारागांव में मोबाइल मेडिकल यूनिट लगने से गरीब व जरूरतमंद लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इससे न सिर्फ समय व पैसों की बचत हो रहा है बल्कि बीमारी के शुरुवाती चरण का पता करके गंभीर होने से पहले त्वरित ईलाज किया जा रहा है। जांजगीर -चांपा जिले के मोबाइल मेडिकल यूनिट 4 प्रभारी डॉ सार्थक राठौर ने बताया कि उनकी टीम मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत चांपा व सारागांव में महीने में 24 दिन कार्य करती है। जिसमें चांपा में 16 व सारागांव में 8 दिवस मोबाइल यूनिट रहता है। वहीं विगत तीन माह में अबतक 7 हजार से अधिक मरीजों का ईलाज किया गया है। जिनमें जरूरत के हिसाब से खून की जांच व दवाई दी गईं है।

गरीबों के लिए वरदान बन गई मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना, घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य सुविधाएं, फ्री में दी जा रही दवाइयां चौथा स्तंभ || Console Corptech

डॉ राठौर ने आगे बताया कि अभी प्रतिदिन 100-120 की संख्या में मरीज पहुंच रहे है जिनमे ज्यादातर वायरल फीवर के मरीज आ रहे है वहीं बीपी शुगर व महिलाओ में खून की कमी से सबंधित मरीज भी पहुंच रहे है। जिनका त्वरित ईलाज किया जा रहा है। डॉ राठौर ने बताया कि उनकी टीम में एपीएम अमित गौरहा, पैथोलाजी टेक्निशियन प्रदीप साहू, फार्मासिस्ट अजय साहू, एएनएम ममता साहू व पायलेट लक्ष्मी साहू सहित पांच लोग रहते है। जिनमें एक डिस्ट्रिक्ट कोडिनेटर हुमेश जायसवाल भी है जिसके अंदर जांजगीर -चांपा जिले के चार मोबाइल यूनिट की जिम्मेदारी है। कुल मिलाकर नगरीय क्षेत्रों में स्लम में रहने वाले मजदूरों, गरीबों के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है।