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सोने के सौदागर’ ने किया ₹15 लाख करोड़ का घोटाला! कौन हैं राजेश एक्सपोर्ट्स का मालिक

नई दिल्ली। भारतीय पूंजी बाजार में सत्यम घोटाले के बाद वित्तीय अनियमितताओं के सबसे बड़े मामलों में से एक सामने आया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड और इसके प्रमोटर एवं एग्जीक्यूटिव चेयरमैन राजेश मेहता के खिलाफ 109 पन्नों का अंतरिम आदेश जारी कर गंभीर वित्तीय हेरफेर के आरोप लगाए हैं।

सेबी की जांच में दावा किया गया है कि वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच कंपनी द्वारा दिखाए गए कुल 15.45 लाख करोड़ रुपये के समेकित राजस्व में से लगभग 15.15 लाख करोड़ रुपये का राजस्व कथित तौर पर बढ़ा-चढ़ाकर या गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया हो सकता है। यह कंपनी द्वारा रिपोर्ट किए गए कुल राजस्व का करीब 99.80 प्रतिशत है।

जांच के अनुसार, कंपनी की विदेशी सहायक इकाइयों के खातों में भारी अंतर पाया गया। सेबी ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी ने 11,487 करोड़ रुपये की कथित फर्जी बिक्री और 11,488 करोड़ रुपये की फर्जी खरीद दर्ज कर वित्तीय रिकॉर्ड को प्रभावित किया। इसके अलावा प्रमोटर और उनसे जुड़ी कंपनियों को सैकड़ों करोड़ रुपये स्थानांतरित किए जाने के भी आरोप लगाए गए हैं।

सेबी ने राजेश मेहता को तत्काल प्रभाव से शेयर बाजार में किसी भी प्रकार की खरीद-बिक्री और लेन-देन से रोक दिया है। नियामक ने मामले की आगे जांच के लिए नए फॉरेंसिक ऑडिटर की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

इस मामले का सबसे बड़ा असर निवेशकों पर पड़ा है। फरवरी 2023 में कंपनी का शेयर 1,028 रुपये के स्तर पर था, जो अप्रैल 2026 तक गिरकर करीब 80 रुपये रह गया। इससे निवेशकों की हजारों करोड़ रुपये की पूंजी प्रभावित हुई है।

हालांकि यह अंतरिम आदेश है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे। कंपनी को भी अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है।

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