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CBSE मामले में राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला, बोले- अफसरों को हटाकर शिक्षा मंत्री को बचाया, धर्मेंद्र प्रधान बर्खास्त हों

सीबीएसई अध्यक्ष और सचिव के तबादले तथा ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली के टेंडर की जांच के आदेश के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने पूरे मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई कर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि यह जवाबदेही तय करना नहीं, बल्कि एक “कवर-अप” है।

राहुल गांधी ने कहा कि CBSE अध्यक्ष का ट्रांसफर कर दिया गया, सचिव को भी हटा दिया गया और एक सदस्यीय जांच समिति बना दी गई, लेकिन असली जिम्मेदारों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त किया जाए और पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए।

राहुल गांधी ने बयान जारी कर कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 18.5 लाख CBSE छात्रों की सच में चिंता होती, तो अब तक शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी होती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी यहीं नहीं रुके। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा — “जेबकतरों से सावधान, आज वो CBSE के अंदर बैठे हैं।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि यदि CBSE की गलती से छात्रों के नंबर गलत आते हैं, तो छात्रों और अभिभावकों से दोबारा पैसे वसूले जाते हैं।

उन्होंने कहा कि डिजिटल स्कैन कॉपी के लिए 100 रुपए प्रति विषय, पुनर्गणना के लिए 100 रुपए प्रति पेपर और पुनर्मूल्यांकन के लिए 25 रुपए प्रति सवाल शुल्क लिया जाता है। राहुल गांधी ने इसे छात्रों और अभिभावकों के साथ अन्याय बताते हुए सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को व्यावसायिक बनाने का आरोप लगाया।

अब इस पूरे मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि भाजपा कांग्रेस पर छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगा रही है। ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार इस मामले में केवल अफसरों तक कार्रवाई सीमित रखेगी या जिम्मेदारी शीर्ष स्तर तक तय की जाएगी।

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