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कांग्रेस का कलेक्टर कार्यालय घेराव आज, निर्वाचन आयोग के फैसलों के विरोध में प्रदर्शन

0 मदनलाल पेट्रोल पंप से पैदल मार्च कर कलेक्टर मोड़ तक पहुंचेगे कांग्रेसजन, राष्ट्रपति के नाम सौंपेंगे ज्ञापन

जांजगीर-चांपा। भारत निर्वाचन आयोग से जुड़े हालिया विवाद और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सहित मतदाता सूची एवं निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस ने जांजगीर-चांपा में आंदोलन का ऐलान किया है। जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से 28 सितंबर, सोमवार को कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा। कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए उनके पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।

जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री नागेंद्र गुप्ता के अनुसार, आंदोलन की शुरुआत दोपहर 1 बजे जांजगीर-चांपा मार्ग स्थित मदनलाल पेट्रोल पंप से होगी। यहां कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित होकर पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर मोड़ पहुंचेंगे। इसके बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त का पुतला दहन कर कलेक्टर कार्यालय स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

SIR और निर्वाचन आयोग के फैसलों पर उठाए सवाल

कांग्रेस का यह आंदोलन ऐसे समय हो रहा है, जब चुनाव आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों से संबंधित रिपोर्ट सामने आई है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों एवं प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी। इन आपत्तियों में SIR, नए मतदाताओं के Form-6, मतदाता डेटाबेस के केंद्रीकरण और चुनावी आईटी सिस्टम से जुड़े मुद्दे शामिल बताए गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ फैसलों और आदेशों को लेकर यह सवाल उठाया था कि उन्हें उनकी जानकारी या मंजूरी के बिना जारी किया गया। हालांकि, चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों ने इन रिपोर्टों में बताए गए अंदरूनी मतभेद के निष्कर्ष को खारिज करते हुए कहा है कि SIR सहित आयोग के फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए।

कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप

जिला कांग्रेस कमेटी का आरोप है कि SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में किए गए बदलावों के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। पार्टी की ओर से लगाए गए इन आरोपों को कांग्रेस के राजनीतिक दावे के रूप में देखा जाना चाहिए; उपलब्ध रिपोर्टों में चुनाव आयोग ने सभी फैसलों को तीनों आयुक्तों की मंजूरी से लिया गया बताया है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आंदोलन के माध्यम से निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में जवाबदेही की मांग उठाई जाएगी।

विधायक और कांग्रेस के विभिन्न संगठन होंगे शामिल

आंदोलन में जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप, अकलतरा विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह, पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश तथा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल सहित प्रदेश एवं जिला कांग्रेस के पदाधिकारी शामिल होंगे।

इसके अलावा ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, पार्षद, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत सदस्य, युवा कांग्रेस, छात्र संगठन, सेवादल, महिला कांग्रेस, किसान कांग्रेस, इंटक, मजदूर कांग्रेस सहित कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों के कार्यकर्ताओं के भी आंदोलन में शामिल होने की जानकारी दी गई है।

राष्ट्रपति के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन

कांग्रेस के अनुसार, कलेक्टर कार्यालय घेराव के बाद महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगी। आंदोलन के जरिए कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही का सवाल सामने रखने की बात कही है।

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