भव्य रंगोली में साकार हुआ विकसित भारत का संकल्प, कोसा कला ने बढ़ाई जांजगीर-चांपा की पहचान

जांजगीर-चांपा। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 7 अक्टूबर 2026 को पुलिस ग्राउंड खोखरा में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा के अवसर पर बनाई गई 76×76 फीट की विशाल रंगोली कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को केंद्र में रखकर तैयार इस रंगोली में विकास, आत्मनिर्भरता, कृषि, शिक्षा, तकनीक, महिला सशक्तिकरण और आधुनिक अधोसंरचना की विभिन्न तस्वीरों को कलात्मक रूप से उकेरा गया।
रंगोली के समीप कोसे के कोकून और कोसा का चरखा विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। यह जांजगीर-चांपा की विशिष्ट पहचान धान और कोसा को दर्शाता है। रंगोली में धान की फसल को स्थान देकर जिले की कृषि पहचान को भी रेखांकित किया गया। इस प्रकार रंगोली में स्थानीय संस्कृति, परंपरा और विकसित भारत की परिकल्पना का सुंदर संगम देखने को मिला।
रंगोली की भव्यता को और बढ़ाने के लिए इसके चारों ओर बड़ी संख्या में लोगों ने ह्यूमन चेन बनाकर मानव श्रृंखला तैयार की। रंगोली के चारों ओर बनी यह मानव श्रृंखला पूरे आयोजन को एकता, सहभागिता और सामूहिक संकल्प का स्वरूप प्रदान कर रही थी।
इस भव्य रंगोली का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री श्री खुशवंत साहेब जी, श्री भूपेंद्र सवन्नी जी एवं भाजपा जिला अध्यक्ष श्री अम्बेश जांगड़े द्वारा किया गया।

रंगोली का निर्माण श्री आनंद आदित्य एवं श्री राजेश भैय्याजी के मार्गदर्शन में महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा किया गया। लगभग 30 कलाकारों एवं विद्यार्थियों ने लगातार 15 घंटे तक मेहनत कर इसे आकार दिया। इसमें लगभग 80 प्रतिशत प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया गया, जिसमें चावल, मूंग दाल, मसूर दाल, धान, गेहूं, फूलों की पंखुड़ियां और पत्तियां प्रमुख रहीं।
रंगोली में नालंदा परिसर लाइब्रेरी, जांजगीर बायपास सड़क, सौर ऊर्जा, आधुनिक तकनीक, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण सहित विकसित भारत की विभिन्न अवधारणाओं को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
इस आयोजन में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सत्यलता मिरी की महत्वपूर्ण सहभागिता रही तथा रंगोली निर्माण की पूरी प्रक्रिया में उनका लगातार मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त होता रहा।
कार्यक्रम के जिला संयोजक राकेश रूपवानी, जिला मीडिया प्रभारी भाजपा जांजगीर-चांपा रहे। उनके साथ श्रीमती प्रियंका सिंह, डॉ. धनेश्वरी जागृति, श्रीमती मेघा यादव एवं श्रीमती प्रेमलता कौशिक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्राकृतिक रंगों, कोसा की परंपरा, धान की पहचान और विकसित भारत के संकल्प को एक साथ समेटे इस विशाल रंगोली ने पुलिस ग्राउंड खोखरा में जांजगीर-चांपा की कला, संस्कृति और विकास की तस्वीर को एक साथ प्रस्तुत किया।
