
सक्ती में जमीन रजिस्ट्री गाइडलाइन में किए गए हालिया संशोधन के बाद भी असंतोष कम नहीं हुआ है। शनिवार को जमीन कारोबारियों के साथ कई आम लोगों ने एकजुट होकर उप पंजीयक कार्यालय के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार द्वारा किए गए संशोधन को “लॉलीपॉप” करार दिया और इसे जनता को भ्रमित करने वाला कदम बताया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नए संशोधित दरों में भी जमीन की कीमत अत्यधिक बढ़ा दी गई है, जिससे रजिस्ट्री कराना आम लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। बढ़ी हुई गाइडलाइन दरें न तो जमीन कारोबारियों के हित में हैं और न ही आमजन के।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जमीन की रजिस्ट्री पूर्ववर्ती दरों पर ही की जाए, ताकि खरीद-फरोख्त प्रभावित न हो और लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
इसी मांग को लेकर जमीन कारोबारियों और स्थानीय नागरिकों ने रैली निकालकर उप पंजीयक एवं कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही गाइडलाइन दरों में पुनः संशोधन नहीं किया, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
सक्ती में भूमि रजिस्ट्री की बढ़ती दरों को लेकर यह विरोध आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।