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अवैध शराब बिक्री पर रोक की मांग को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

जांजगीर–चांपा। जिले में बढ़ती अवैध शराब बिक्री एवं अनधिकृत चखना दुकानों के संचालन को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने कहा कि जांजगीर एवं अकलतरा बीट में पिछले कुछ समय से अवैध शराब कारोबार तेजी से फैल रहा है, जिसकी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।

स्थानीय समाचार पत्रों में भी पिछले दो सप्ताह से इस विषय पर निरंतर खबरें प्रकाशित हो रही हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से बताया गया है कि कैसे अवैध कारोबारी आबकारी नियमों को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं। इसके बावजूद आबकारी विभाग की निष्क्रियता गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।

संगठन का कहना है कि इन अवैध गतिविधियों का सबसे अधिक दुष्प्रभाव छोटे बच्चों और युवा वर्ग पर पड़ रहा है। सस्ती एवं आसानी से उपलब्ध शराब के कारण युवा नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे उनका शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। नशे की लत उनके उज्जवल भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रही है। वहीं, शराब के प्रभाव में सड़क दुर्घटनाओं तथा अपराधों की घटनाएँ भी लगातार बढ़ रही हैं, जिससे जिले का सामाजिक वातावरण बिगड़ता जा रहा है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरी मोहल्लों तक लोग इन अवैध दुकानों की वजह से परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई न किए जाने के कारण अवैध कारोबारियों के हौसले और भी बुलंद हो गए हैं।

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिला अध्यक्ष रामपाल कश्यप एवं महामंत्री भोले सिंह मरावी ने कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में

चार प्रमुख मांगें रखी हैं
(1) जिले में संचालित सभी अवैध शराब दुकानों तथा बिना अनुमति चल रहे चखना केंद्रों की जाँच कर तत्काल बंद कराया जाए।
(2) आबकारी नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगे।
(3) जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अपने कर्तव्यों की उपेक्षा की जा रही है, उनके विरुद्ध विभागीय एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में ऐसी लापरवाहियाँ दोबारा न हों।
(4) कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने हेतु अवैध शराब के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।

संगठन ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य समाज में नशा मुक्त वातावरण तैयार करना तथा युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाता है, तो जिले में अवैध शराब के फैलते जाल पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो सकेगा।

जनता भी प्रशासन से यही अपेक्षा कर रही है कि अवैध कारोबार पर तत्काल रोक लगे, और जिले को नशा मुक्त एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।