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बम्हनीडीह में सत्ता की चाबी आखिर किसके हाथ जाएगी! भाजपा ने ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने का किया दावा तो कांग्रेस चुनाव जीतने को लेकर आश्वस्त

जांजगीर-चांपा जिले की नगर पंचायत बम्हनीडीह का चुनाव अब पूरी तरह राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। जैसे-जैसे मतदान की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे चुनावी तापमान भी तेजी से बढ़ता जा रहा है। गलियों से लेकर चौक-चौराहों तक सिर्फ चुनावी चर्चाएं सुनाई दे रही हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इस चुनाव को जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक चुकी हैं।  

भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव को “ट्रिपल इंजन सरकार” के नारे के साथ लड़ रही है। भाजपा का फोकस यह संदेश देने पर है कि यदि नगर पंचायत में भी भाजपा की सरकार बनती है, तो केंद्र, राज्य और नगर पंचायत तीनों स्तर पर एक ही पार्टी की सरकार होने से विकास कार्यों में तेजी आएगी। यही मुद्दा भाजपा की सबसे बड़ी ताकत बनता दिखाई दे रहा है।

भाजपा प्रत्याशी रमेश डडसेना लगातार वार्डों में जनसंपर्क कर लोगों से समर्थन मांग रहे हैं। उनके साथ पार्षद प्रत्याशी भी घर-घर पहुंचकर मतदाताओं को भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। प्रदेश और जिला स्तर के कई बड़े नेता, संगठन पदाधिकारी और कैबिनेट मंत्री बम्हनीडीह पहुंच चुके हैं। बड़ी सभाओं और जनसंपर्क अभियानों के जरिए भाजपा ने माहौल को पूरी तरह अपने पक्ष में करने की कोशिश की है।

भाजपा नेताओं का दावा है कि यदि नगर पंचायत में भाजपा की सरकार बनती है तो बम्हनीडीह में विकास कार्यों की नई शुरुआत होगी। सड़क, नाली, पानी, तालाब सौंदर्यीकरण, पुलिया निर्माण, सफाई व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात भाजपा लगातार कर रही है। यही वजह है कि भाजपा विकास और स्थिरता के मुद्दे को चुनाव के केंद्र में रखने में सफल दिखाई दे रही है।

दूसरी ओर कांग्रेस भी इस चुनाव को हल्के में नहीं ले रही। कांग्रेस के जिला और प्रदेश स्तर के नेताओं ने लगातार सभाएं, रोड शो और जनसंपर्क अभियान चलाकर माहौल बनाने का प्रयास किया है। पूर्व मुख्यमंत्री की मौजूदगी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह जरूर बढ़ाया है। लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्य और केंद्र दोनों जगह भाजपा की सरकार होने का सीधा लाभ भाजपा को मिल सकता है। जनता के एक वर्ग में यह धारणा मजबूत होती दिख रही है कि “डबल इंजन” के बाद अब “ट्रिपल इंजन” बनने से विकास कार्यों को गति मिलेगी।

भाजपा की संगठनात्मक मजबूती भी इस चुनाव में उसकी बड़ी ताकत मानी जा रही है। बूथ स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ता, लगातार जनसंपर्क और सरकार की योजनाओं का लाभार्थियों तक पहुंचना भाजपा के पक्ष में माहौल तैयार करता दिख रहा है। वहीं कांग्रेस स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता के बीच जा रही है। इस लिहाज से मुकाबला काफी दिलचस्प नजर आ रहा है।

बम्हनीडीह नगर पंचायत चुनाव अब सिर्फ स्थानीय निकाय का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक प्रभाव और संगठनात्मक ताकत की परीक्षा बन चुका है। आने वाले चंद दिनों में प्रचार और ज्यादा तेज होगा। हालांकि अंतिम फैसला जनता के हाथ में है और मतदान के दिन ही तय होगा कि बम्हनीडीह की सत्ता की चाबी आखिर किसके हाथ जाएगी।

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