फ्लैक्सी से गायब हुई जिलाध्यक्ष की तस्वीर, जांजगीर-चांपा कांग्रेस में फिर दिखी गुटबाजी की झलक?

जांजगीर-चांपा। कांग्रेस में गुटबाजी खत्म होने के दावे भले ही समय-समय पर किए जाते रहे हों, लेकिन जमीनी तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां करती नजर आ रही है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के जांजगीर-चांपा दौरे के दौरान लगाया गया एक स्वागत फ्लैक्सी अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। वजह है उस फ्लैक्सी से जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल की तस्वीर का गायब होना।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि फ्लैक्सी में स्थानीय विधायकों, पदाधिकारियों और कई कार्यकर्ताओं की तस्वीरों को प्रमुखता से स्थान दिया गया, तो फिर जिले के शीर्ष संगठनात्मक पद पर बैठे जिलाध्यक्ष की तस्वीर को नजरअंदाज कैसे किया जा सकता है? यह महज एक चूक है या फिर इसके पीछे कोई राजनीतिक संदेश छिपा है, इसको लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
दरअसल, जांजगीर-चांपा कांग्रेस की राजनीति में वर्षों से हसदेव नदी के इस पार और उस पार का समीकरण चर्चा का विषय रहा है। जब कांग्रेस ने पहली बार हसदेव नदी के उस पार के नेता राजेश अग्रवाल को जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी, तब भी पार्टी के भीतर असहजता की खबरें सामने आई थीं। उस समय राजनीतिक विश्लेषकों ने आशंका जताई थी कि जिले के कुछ प्रभावशाली नेता और कार्यकर्ता उन्हें पूरी तरह स्वीकार नहीं कर पाएंगे।
अब टीएस सिंहदेव के दौरे के दौरान सामने आया यह फ्लैक्सी विवाद उन पुरानी चर्चाओं को फिर हवा देता दिखाई दे रहा है। सवाल यह है कि क्या यह केवल डिजाइनिंग की भूल है या फिर कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान का एक और सार्वजनिक प्रदर्शन?
फिलहाल कांग्रेस के किसी जिम्मेदार पदाधिकारी ने इस मामले पर खुलकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन एक फ्लैक्सी ने जिले की राजनीति में कई नए सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।