छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

पेड़ों की ‘नीलामी’ या सिंचाई विभाग का खेल? 15 हरे पेड़ों की कटाई के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोड, 40 हजार की सौदेबाजी अफसर अनजान

जांजगीर-चांपा। बलौदा ब्लाक के अंतर्गत ग्राम विशाल हरदी में सिंचाई विभाग एक बड़े विवाद में घिरता नजर आ रहा है। यहां विभाग के एक टाइमकीपर पर आरोप है कि उसने बिना किसी वैध अनुमति के करीब 15 हरे-भरे और विशाल पेड़ों की कटाई करवा दी। इतना ही नहीं, कटाई के तुरंत बाद इन पेड़ों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोड कर ले जाने की तैयारी भी कर ली गई, जिससे पूरे मामले में गंभीर अनियमितता की आशंका और गहरा गई है।

सूत्रों के अनुसार, इन पेड़ों का सौदा लगभग 40 हजार रुपये में किया गया है। यानी पर्यावरण की खुलेआम कीमत लगाई गई और नियमों को दरकिनार कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह पूरा काम सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है, जिसमें विभागीय जिम्मेदारों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।

मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब सिंचाई विभाग के एसडीओ बंजारे से इस विषय में पूछताछ की गई। उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि यह पेड़ कटाई ‘बोर खनन’ के लिए की जा रही है। अब सवाल यह खड़ा होता है कि आखिर एक बोर खनन के लिए कितनी जमीन की जरूरत होती है, और क्या इसके लिए 15 बड़े पेड़ों की बलि देना जरूरी था? या फिर इसके पीछे कोई और खेल चल रहा है?

ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि बिना अनुमति पेड़ों की कटाई और उनका परिवहन किया गया है, तो यह गंभीर अपराध है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस पूरे मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है या फिर इसे भी अन्य मामलों की तरह नजरअंदाज कर दिया जाएगा। विशाल हरदी में पेड़ों की कटाई और उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले जाने की घटना ने विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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