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9 के बजाय 11 को मनाया सक्ती जिले का प्रथम वर्षगांठ, अधिकारी और नेताओं की सामने आई लापरवाही, बैनर पोस्टर में नहीं की तिथि अंकित

जांजगीर-चांपा। नवीन जिला सक्ती की स्थापना 9 सितंबर 2022 को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हाथों हुआ था। इसके लिए बकायदा मुख्यमंत्री ने सक्ती के जेठा पहुंचकर विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए जिला स्थापना की घोषणा की थी, लेकिन प्रथम वर्षगांठ में ही अधिकारी और स्थानीय बड़े नेता की मनमानी सामने आई है, जो निर्धारित 9 सितंबर स्थापना दिवस के बजाय अपने मनपसंद तिथि में स्थापना दिवस समारोह कार्यक्रम किया गया।

इससे जाहिर है अधिकारी एवं नेता जिला स्थापना दिवस के आयोजन को भी खिलवाड़ समझ रहे हैं और नवीन जिला सक्ती के लोगों की भावनाओं के साथ भी खिलवाड़ कर रहे हैं। लगता है सक्ती जिला उनके हाथों का खिलौना है। वे जैसा चाहेंगे वैसे खेलेंगे। इधर जनता में कई तरह के सवाल खड़े होते रहे कि आखिरकार क्या वजह रही की दो दिन पश्चात प्रथम वर्षगांठ का आयोजन किया गया है। लोग इसे कई तरह की अनहोनी भी मान रहे हैं। प्रथम वर्षगांठ में ही इस तरह से मनमानी सक्ती जिले में आगामी कई उथल-पुथल की घटनाओं का अंजाम दे सकती है। लोगों की माने और जन भावना को देखा जाए तो किसी जिला अधिकारी एवं नेताओं को जिले की भावना के साथ खिलवाड़ करने का कोई हक नहीं है।

9 के बजाय 11 को मनाया सक्ती जिले का प्रथम वर्षगांठ, अधिकारी और नेताओं की सामने आई लापरवाही, बैनर पोस्टर में नहीं की तिथि अंकित चौथा स्तंभ || Console Corptech

विधानसभा अध्यक्ष की वजह से बदली तिथि

बताया जा रहा है कि सक्ती का प्रथम वर्षगांठ 9 के बजाय 11 को करने के पीछे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत कारण है, क्योंकि उन्हीं के करकमलों से स्थापना दिवस मनाने की चाह थी, जिसके चलते अफसरों ने तिथि में उलटफेर कर दिया। इस संबंध में जब मीडिया ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. महंत से भी बात की, तो उन्होंने स्वीकार किया कि तिथि में बदलाव उनके कारण हुआ है। क्योंकि वो 9 सितंबर को उपलब्ध नहीं थे। अभी लगातार चुनावी बैठक हो रही है, जिसके चलते समय पर उपस्थित हो पाना मुश्किल था।

9 के बजाय 11 को मनाया सक्ती जिले का प्रथम वर्षगांठ, अधिकारी और नेताओं की सामने आई लापरवाही, बैनर पोस्टर में नहीं की तिथि अंकित चौथा स्तंभ || Console Corptech