
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने विधायक निधि के पारदर्शी और प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एमएलए लैड्स (MLA LADDS) नामक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अब विधायकों द्वारा अनुशंसित विकास कार्यों और निधि खर्च का हर विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा, जिसे आम जनता भी देख सकेगी।
रायपुर से हुई शुरुआत
पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस पोर्टल को सबसे पहले रायपुर जिले में लागू किया गया है। यहां से मिलने वाले अनुभव के आधार पर इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
व्यवस्था समझाने के लिए हुआ प्रशिक्षण
रेडक्रास भवन, कलेक्टोरेट रायपुर में गुरुवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने पोर्टल की कार्यप्रणाली, आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की प्रक्रिया, निगरानी तंत्र और फंड रिलीज प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।
डिजिटल इंडिया की दिशा में बड़ा कदम
योजना एवं सांख्यिकी विभाग के अपर संचालक नारायण बुलीवाल ने कहा कि यह पोर्टल डिजिटल इंडिया अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो विधायक निधि के सदुपयोग को सुनिश्चित करेगा।
MP LADDS की तर्ज पर MLA LADDS
यह पोर्टल संसद के MP LADDS पोर्टल की तर्ज पर विकसित किया गया है। जैसे एमपी पोर्टल में सांसद निधि से जुड़े कार्यों, व्यय विवरण, स्वीकृत परियोजनाओं और प्रगति की जानकारी होती है, वैसे ही अब विधायकों के लिए भी यही सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
पब्लिक के लिए खुला पोर्टल
MLA LADDS पोर्टल पब्लिक डोमेन में है, यानी अब राज्य के नागरिक यह जान सकेंगे कि उनके क्षेत्र में विधायक निधि से कौन-कौन से कार्यों की सिफारिश हुई है, कितने कार्य स्वीकृत हुए हैं, किस पर कितना खर्च हुआ है और कौन-से कार्य पूरे हुए हैं।
फंड रिलीज होगी चार किस्तों में
सूत्रों के अनुसार, पोर्टल के माध्यम से फंड रिलीज की प्रक्रिया भी पारदर्शी बनाई गई है। किसी परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद एजेंसी को चार चरणों में भुगतान किया जाएगा—पहली किस्त 25%, दूसरी 50% कार्य पूर्ण होने पर, तीसरी 75% कार्य पर, और अंतिम किस्त कार्य पूर्ण होने के बाद जारी की जाएगी। इससे कार्यों की समय पर पूर्णता सुनिश्चित की जा सकेगी।
प्रगति रिपोर्ट भी होगी ऑनलाइन
हर कार्य की प्रगति रिपोर्ट पोर्टल पर नियमित रूप से अपलोड की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि निधि का दुरुपयोग नहीं हो और जनता को विकास कार्यों की सटीक जानकारी मिलती रहे।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल न केवल विधायक निधि के बेहतर प्रबंधन को सुनिश्चित करेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी अपने जनप्रतिनिधियों के कामकाज पर नजर रखने का अवसर देगी। यह पारदर्शिता की दिशा में एक स्वागत योग्य कदम है।