छत्तीसगढ़जांजगीर-चांपा

शिकायतें, सीमांकन और आश्वासन, फिर भी नहीं हटी शासकीय भूमि से अतिक्रमण

जांजगीर चांपा। अकलतरा तहसील अंतर्गत ग्राम दर्रीटांड़ में शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। कई महीनों से शिकायत और आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है, जबकि इस दौरान अवैध निर्माण कार्य लगातार जारी है।

ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने कई बार तहसील कार्यालय और संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है। प्रशासन की ओर से हर बार कार्रवाई का आश्वासन और नई तारीख दी जाती रही, लेकिन मौके पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब तक नहीं हो सकी। इससे अतिक्रमणकारियों के हौसले बढ़ रहे हैं और शासकीय भूमि पर कब्जा लगातार बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वे जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे। उनका कहना है कि प्रशासन की निष्क्रियता के कारण सरकारी जमीन पर कब्जे का दायरा बढ़ रहा है और भविष्य में इसे हटाना और भी मुश्किल हो सकता है।

इधर, मामले को लेकर तहसीलदार अविनाश चौहान ने कहा, “ग्राम दर्रीटांड़ में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे की जानकारी प्राप्त की जाएगी। पूरे मामले की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि कहीं शासकीय भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है तो राजस्व नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

तहसीलदार के इस बयान के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि मौके पर अतिक्रमण हटाने की ठोस कार्रवाई ही उनकी समस्या का समाधान कर सकती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्द कार्रवाई करता है।

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