
0 यूनाइटेड ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस काउंसिल का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन एवं विधि प्रशिक्षण कार्यक्रम रायपुर में सफलतापूर्वक संपन्न
रायपुर। यूनाइटेड ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस काउंसिल (UHRSJC) द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय मानव अधिकार एवं सामाजिक न्याय सम्मेलन एवं विधि प्रशिक्षण कार्यक्रम रायपुर में गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से अधिवक्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, पत्रकारों, युवा प्रतिनिधियों, संस्था के पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर मानव अधिकार, सामाजिक न्याय और विधिक जागरूकता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम के दौरान मानव अधिकार संरक्षण, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, विधिक साक्षरता, जनहित, सुशासन, नागरिक उत्तरदायित्व तथा जनसहभागिता जैसे विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में न्याय, समानता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक नागरिक का जागरूक होना अत्यंत आवश्यक है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए काउंसिल के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता घासीदास भारद्वाज ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को विधिक रूप से जागरूक, उत्तरदायी और सशक्त बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र केवल भौगोलिक सीमाओं से नहीं, बल्कि जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों से निर्मित होता है। समाज में सकारात्मक परिवर्तन तब संभव होता है जब नागरिक अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग रहते हैं तथा न्याय एवं मानवता के मूल्यों को अपनाते हैं।
उन्होंने बताया कि यूनाइटेड ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस काउंसिल प्रदेशभर में मानव अधिकार संरक्षण, विधिक जागरूकता, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, जनहित, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं जनसशक्तिकरण से संबंधित विभिन्न जनजागरूकता अभियानों का संचालन कर रही है। काउंसिल का उद्देश्य शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के मध्य सकारात्मक समन्वय स्थापित कर जनसहभागिता को बढ़ावा देना तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और अधिकारों की जानकारी पहुँचाना है।

सम्मेलन में उपस्थित वक्ताओं ने संविधान के प्रति सम्मान, विधि के शासन, महिला सुरक्षा, युवा सशक्तिकरण और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए। विशेषज्ञों ने कहा कि जागरूक नागरिक ही सशक्त समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला होते हैं तथा मानव अधिकारों की रक्षा प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है।
इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों द्वारा प्रेषित शुभकामना संदेशों का भी वाचन किया गया। संदेशों में काउंसिल द्वारा मानव अधिकार, सामाजिक न्याय एवं जनहित के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए सम्मेलन की सफलता पर शुभकामनाएँ व्यक्त की गईं।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर काउंसिल ने समाज के सभी वर्गों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों, चिकित्सकों, पत्रकारों, युवाओं एवं जागरूक नागरिकों से मानव अधिकार संरक्षण, सामाजिक न्याय, विधिक जागरूकता एवं जनसशक्तिकरण के इस अभियान से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
काउंसिल का संकल्प
सशक्त नागरिक, सुरक्षित समाज, न्यायपूर्ण सुशासन, जागरूक एवं सशक्त राष्ट्र
